मुख्यालय में सज रहे थे जुए के फड़: पुलिस का छापा, मुख्यालय का मालिक पानी टंकी में जा छुपा - Shivpuri News

शिवपुरी। जिले के कोलारस नगर में पकडे गए जुएं काण्ड पर अब पुलिस पर उंगली उठ रही हैं। इस मामले में 21 लोगो पर मामला दर्ज हुआ हैं लेकिन 21 लोगो की इस लिस्ट में जुआ खिलाने वाले के घर मालिक का नाम नही हैं। पुलिस ने इस मामले की वीडियो रिर्काडिंग भी कराई हैं,पाक साफ रहने का सबूत इकठठा किया हैं लेकिन सवाल फिर भी खडे हो रहे हैं। इस जुंए काण्ड में लाखो रूपए पुलिस ने पकडे हैं लेकिन मात्र 3 लाख रूपए भी दर्शाए गए हैं। जुंए खेलने वाले स्थान बदलने को लेकर लाखो रूपए की रिश्वत ली गई 

खबर जो दिखाई और मीडिया ने प्रकाशित की हैं उसे पढिए 

कोलारस थाना पुलिस ने बीती रात लगभग 11.30 बजे रामेश्वर धाम के पास एक मकान में जब छापा मारा तो वहां एक - दो नहीं , बल्कि दो दर्जन जुआरी पकड़े । चूंकि मामला लाखों रुपए का था और खेलने वाले चेहरे भी नगर सहित आसपास के चर्चित थे , इसलिए पुलिस को इसमें बहुत अधिक जद्दोजहद करनी पड़ी । बाद में पुलिस ने जुआरियों को तीन हिस्सों में बांटकर उनके पास से अलग अलग राशि जब्त करना दर्शाकर कायमी की।

यह पकड़े गए हैं जुआरी

हरपाल पुत्र बाबू हिरा रघुवंशी उम्र 55 साल निवासी खरैह रन्नौद
जगदीश पुत्र प्राण सिंह रघुवंशी उम्र 45 साल निवासी अमरौद ईसागढ
रामकृष्ण पुत्र नारायण उर्फ रतन सिंह रघुवंशी उम्र 35 साल निवासी ईसागढ
विक्की उर्फ विवेक पुत्र प्रहलाद शिवहरे उम्र 30 साल जगतपुर कोलारस
रामवीर पुत्र गणेश राम रघुवंशी उम्र 64 साल निवासी ईसागढ
बलराम पुत्र जग्गनाथ रघुवंशी उम्र 42 साल निवासी लुकवासा ,कोलारस
मुकेश पुत्र जुगल किशोर पंडित उम्र 35 साल निवासी जगतपुर कोलारस
रामजी उर्फ धमेन्द्र राणा पुत्र रघुवीर राणा उम्र 42 साल निवासी सदर बाजार कोलारस
वीरेन्द्र पुत्र रघुराज सिंह रघुवंशी उम्र 38 साल निवासी लुकवासा,कोलारस 
मनोज पुत्र राकेश चंद्र भार्गव उम्र 30 साल निवासी राममंदिर के पास कोलारस
ब्रजेन्द्र पुत्र ईमरत लाल रजक उम्र 28 साल निवासी खरैह रन्नौद 
दीपक पुत्र छोटे कुशवाह उम्र 23 साल निवासी चंदेरी की पौर कोलारस 
गुडडा उर्म राजीव पुत्र श्रीराम भार्गव उम्र 50 निवासी कोलारस
बृजेश पुत्र प्रहलाद शिवहरे उम्र 30 साल निवासी जगतपुर कोलारस 
प्रदीप पुत्र केशरी चंद्र गुप्ता उम्र 42 निवासी सदर बाजार कोलारस 
दिपक पुत्र महेश मित्तल उम्र 35 साल निवासी कोलारस
अंकित पुत्र भरौसी लाल रजक उम्र 28 साल निवासी ग्राम बेहटा कोलारस 
गोलू उर्फ मनोज पुत्र नारायण सिंह यादव उम्र 22 साल निवासी अहिर मोहल्ला कोलारस 
अंरिहत पुत्र प्रमोद जैन उम्र 27 साल निवासी सदर बाजार कोलारस 
विशाल पुत्र शिवनारायण उम्र 35 साल निवासी एप्रौच रोड कोलारस 
रवि पुत्र मोहन लाल ओझा उम्र 32 साल निवासी अहिर मौहल्ला
इन सभी लोगो पर कोलारस थाने में जुंए एक्ट में कायमी की गई और पकडी गई राशि

टीआई कोलारस ने फोन पर बताया

टीआई कोलारस सजंय मिश्रा ने बताया कि सोमवार मंगलवार की रात लगभग 12 बजे लोगो ने जुंआ खेलने की सूचना मिली थी पुलिस ने छापा मारा तो चंचल पाराशर के मकान के पीछे एक खाली प्लाट में जुआ खेलते हुए 21 लोगो को पकडा और कार्यवाही की हैं इन जुआंरियो से 3 लाख 9 हजार रूपए बरामद किए हैं। 

इस पूरी कहानी हैं इस कारण सदेंह

इस जुंए के फड पर 21 से भी अधिक लोग जुआ खेल रहे थे। इनमे से पकडे गए 2 आरोपी सरपंच हैं और कुछ कोलारस के नामी गिरामी व्यापारी हैं,सूत्रो का कहना हैं कि लगभग 20 लाख रूपए इस फड से पुलिस को मिले हैं लेकिन पुलिस ने 20 लाख रूपए को 3 लाख में कनवर्ड किया गया। सबसे बडा सवाल यह उठ रहा हैं जुंए के स्थान को लेकर पुलिस ने बताया कि चंचल पाराशर के मकान के पीछे, लेकिन मकान के पीछे तो खाली प्लाट हैं और कुछ खेत हैंं। अब कोलारस के नामी व्यापारी रात 12 बजे ठंड में,लालटेन के उजाले में नीचे फर्श बिछाकर जुआ तो नही खेलेंगें। 

बताया जा रहा हैं कि यह जुआ कोलारस के सबसे बदनाम मकान जिसे मुख्यालय कहा जाता हैं उसकी तीसरी मंजिल पर पूरी व्यवस्थाओ के साथ चल रहा था। इस जुंए में फड में मुख्यालय का मालिक भी शामिल था,लेकिन पुलिस की इस एफआईआर में मुख्यालय के मालिक का नाम नही हैं वह क्यो......बताया जा रहा हैं कि इस मुख्यालय के मालिक का नाम हटाने के लिए पुलिस ने लाखो रूपए की वसूली मुख्यालय के मालिक से की हैं। यह पुख्ता इस कारण भी हैं कि मुख्यालय के 2 कर्मचारियो पर भी मामला दर्ज हुआ हैं। 

बताया यह भी जा रहा हैं कि जब पुलिस ने मुख्यालय पर रेड डाली तो मुख्यालय का मलिक पानी की टंकी में छुप गया था लेकिन मुख्यालय के कर्मचारियो पर पुलिस ने डंडे मारे तो मुख्यालय के मालिक कहा छुपा हैं यह बता दिया। पुलिस ने फिर पानी की टंकी में से मुख्यालय के मालिक को निकाला। पुलिस की बताई कहानी पर पुलिस की जग हसाई हो रही हैं कि कोलारस के नगर सेठ काली सर्द रात में एक खाली प्लाट पर जुआ खेल रहे थे यह संभव नही हैं।