राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र को किया समर्पित: राजू बाथम - Shivpuri News

शिवपुरी।
राठौर युवा जागृति मंच एवं राठौर समाज के नेतृत्व में राष्ट्र को अपना जीवन समर्पित करने वाले राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर की 302 वी पुण्यतिथि राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर चौक पर पुष्पांजलि एवं वृद्धजनों की सेवा कर मनाई गई।

सर्वप्रथम राठौर युवा जागृति मंच के सदस्यों ने राष्ट्रीय दुर्गादास राठौर चौक पोहरी बाईपास पर पहुंचकर प्रतिमा को एवं चौक को धुलवाया, साफ सफाई की और उसको फूल मालाओं और गुब्बारों से सजाया इसके उपरांत भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष राजू बाथम, पूर्व विधायक माखनलाल राठौर, युवा प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष डॉ राकेश राठौर एवं राठौर युवा जागृति मंच अध्यक्ष जितेंद्र राठौर के आतिथ्य में प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और निराश्रित भवन में पहुंचकर वृद्धजनों को मास्क,गर्म कंबल मिष्ठान एवं फल वितरण कर सेवा कार्य के साथ पुण्यतिथि मनाई गई।

राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर की जीवन पर प्रकाश डालते हुए जिला अध्यक्ष राजू बाथम ने कहा कि राष्ट्रभक्त वीर दुर्गादास राठौर के त्याग की तुलना स्वतंत्रता के लिए लडऩे वाले राजा महाराजाओं से नहीं की जा सकती है क्योंकि राजा महाराजाओं ने अपना राज्य अर्जित करने के लिए विरोधी शक्तियों से लड़ाइयां लड़ी थी जबकि दुर्गादास राठौर ने अपने लिए नहीं बल्कि राष्ट्र, क्षत्रित्व, हिंदुत्व धर्म तथा अपने स्वामी के पुत्र अजीत सिंह को राज्य दिलाने के लिए जान जोखिम में डालकर लंबे समय तक शत्रुओं से मुकाबला करते रहे दुर्गादास राठौर अनवरत लड़ाईयों कि भीषण ज्वाला को चीरते हुए 80 वर्ष से भी अधिक उम्र तक जीवित रहे और दुर्गादास ने दीर्घ जीवन अपने लिए नहीं मानव कल्याण के लिए जिया और राष्ट्र के लिए समर्पित किया इसलिए राष्ट्र को अपना जीवन समर्पित करने के कारण उन्हें राष्ट्रवीर की उपाधि से नवाजा जाता है और राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर कहलाते हैं।

पूर्व विधायक माखनलाल राठौर में कहा कि राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर अब कोई व्यक्ति या संस्था नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय विचारधारा है जिसकी देश को आज नितांत आवश्यकता है भारतीय इतिहास ही नहीं अपितु विश्व इतिहास में वीर दुर्गादास का अद्वितीय स्थान है अपने राज्य या सत्ता सुख भोगने की लालसा में युद्ध लडऩे वाले तो अनेकों हुए हैं परंतु भारतीय स्वतंत्रता एवं संस्कृति की रक्षार्थ , निस्वार्थ व निष्पक्ष भाव से संघर्ष करने में राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर अद्वितीय है।

प्रदेश अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ डॉ राकेश राठौर ने कहा कि राजस्थान वीरों की भूमि रही है जहां अनेकों राजा- महाराजा, सरदार, सामंत, शाह- बादशाह हुए हैं हर किसी का कहीं ना कहीं स्वार्थ रहा है किसी को राज्य, किसी को पद, किसी को धन संपत्ति , परंतु राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर ने निस्वार्थ भाव से स्वामी भक्ति, धर्म राज्य की जीवन पर्यंत प्राण बलिदान करने के लिए हमेशा तैयार रहे, दुर्गादास अपने लिए नहीं देश के लिए तत्पर रहे इसलिए दुर्गा दास जी को राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर कहते है।

भारतीय इतिहास ही नहीं अपितु विश्व इतिहास में वीर दुर्गादास का जीवन चरित्र अद्वितीय है वीर दुर्गादास की अपने सत कर्मों से विश्व को दिखा दिया कि साधारण मनुष्य में धैर्य, बुद्धि, साहस और उचित नीति का अवलंबन कर अप्रतिम वीरता, असाधारण साहस, रण कुशलता, देशभक्ति, स्वार्थ त्याग एवं परोपकार जैसे अनुकरणीय चारित्रिक गुणों के फल स्वरुप न केवल भारत अपितु समस्त एशिया संग्राम के इतिहास में अपना विशिष्ट स्थान बना सकता है, यह राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर ने सिद्ध करके भी दिखलाया है।

हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए प्रण लेना चाहिए कि राष्ट्र व समाज के लिए अपने जीवन का कुछ अंश भी हम प्रदान करते हैं तो समाज व राष्ट्र में यह मानव जीवन का सदुपयोग होगा। दुर्गादास जी की पुण्यतिथि के अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष राजू बाथम माखन लाल राठौर नरेंद्र राठौर खंडवा युवा प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार राठौर, संभागीय संयोजक गोपाल दास राठौर, जिला संयोजक सोनू राठौर, राठौर युवा जागृति मंच अध्यक्ष जितेंद्र राठौर, प्रांतीय प्रचार मंत्री शिव कुमार राठौर, महामंत्री विशाल राठौर, आकाश राठौर, दिनेश राठौर, रवि कांत राठौर, राजेंद्र राठौर, राजकुमार राठौर, अनिल राठौर, जय प्रकाश राठौर, जितेंद्र राठौर, नीरज राठौर ,अंकुश राठौर, मुकुल राठौर, दुर्गेश राठोर, रघुवीर मास्टर, देवेंद्र राठौर, अनिल राठौर मनियर, गिर्राज राठौर फतेहपुर, विनोद राठौर कस्टम गेट, रवि राठौर मनियर, मोनू राठौर, संजय राठौर, जग्गा राठौर, राकेश राठौर पोरवाले सहित समाज बंधु एवं राठौर युवा जागृति मंच के सदस्य उपस्थित रहे।