सहायक अध्यापक संवर्ग के आश्रितों को अनुकंपा दिलाए, या फिर इच्छा मृत्यु की अनुमति दे - Pichhore News

पिछोर। सरकार ने जुलाई 2018 के पश्चात मृत अध्यापक संवर्ग के आश्रितों को अनुकम्पा का प्रावधान लागू किया है जबकि वर्ष 2018 से पूर्व के हजारों परिवार अनुकम्पा की उम्मीद लगाये बैठे है, आश्रितों को अनुकम्पा न मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है, वर्ष 2018 से पूर्व मृतक परिवारों के बच्चे शिक्षा से बंचित रहकर कवाड़ा बीनने को विवश है मृतकों की शिक्षित विधिवायें अनुकम्पा के आभाव में सम्पन्न परिवारों के यहाॅ चौका, वर्तन करने को मजबूर है।

लम्बे समय से सहा. अध्यापकों के मृत आश्रित परिवारों की लड़ाई लड़ रहे समाजसेवी नारायणदास पुराहित ने बताया कि पुलिस की प्रताड़ना से मेरे शिक्षक बेटे ने जान गवाई, वर्ष 2016 में मेरे पुत्र मनोज पुरोहित सहा. अध्यापक की मृत्यु पुलिस द्वारा प्रताड़ना के कारण हुई थी।

जिसमें छह पुलिसकर्मी सहित एक पत्रकार के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था किन्तु तब से अब तक प्रकरण में क्या हुआ पता नहीं। आज चार साल से स्वर्गवासी मनोज का आश्रित परिवार भी अनुकम्पा नियुक्ति के लिए शासन प्रशासन से गुहार लगा रहा है।

अनुकम्पा के लिए पूर्व प्रचलित नियम है कि शासकीय सेवक की मृत्यु उसके सेवाकाल में होने पर उसके आश्रित परिवार के भरण पोषण के लिए सरकार आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करती है। समाजसेवी श्री पुरोहित ने अनुकम्पा नियुक्ति में नियमों को सरल बनाने तथा जुलाई 2018 से पूर्व मृतक अध्यापक संवर्ग के हजारों आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति दिये जाने के संबंध में राष्ट्रपति को लिखित आवेदन भेजा है।

जिसमें उन्होंने मांग की है कि यदि अनुकम्पा नियुक्ति के नियमों से सुधार नहीं किया जा सकता तो मुझे इच्छा मृत्यु की अनुमति प्रदान करने की कृपा करें। जानकारी हो कि जिला शिवपुरी में वर्ष 2018 से पूर्व के लगभग 400 से अधिक ऐसे आश्रित परिवार है जो रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे है।