राज्य शिक्षक संघ ने लंबित मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन / Shivpuri News

शिवपुरी ब्यूरो। राज्य शिक्षक मप्र. जिला शिवपुरी के तत्वाधान में अपनी लंबित मांगों के संदर्भ में एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर अंकुर गुप्ता को सौंपा गया।

इस ज्ञापन में राज्य शिक्षक संघ मप्र जिला शिवपुरी के पदाधिकारी जिलाध्यक्ष स्नेह सिंह रघुवंशी, यादवेन्द्र चौधरी, रामकृष्ण सिंह रघुवंशी, रामेश्वर दयाल गुप्ता, बलराम त्रिपाठी, बृजेश भार्गव, लोकेश्वर, लक्ष्मीनारायण कुशवाह, अतर सिंह, पुनीत चौहान, पंकज पाण्डे, अविनाश शर्मा, गजेन्द्र धाकड़ व राजेन्द्र चाहर ने बताया कि सेवा में रहते मृत हुए अध्यापक एवं राज्य शिक्षा सेवा के शिक्षक संवर्ग की शिक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति हेतु डी.एड./ बीएड एवं पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की अनिवार्यता है।

अनुकंपा नियुक्ति हेतु ऐसी अनिवार्यता के कारण सैकड़ों मृत अध्यापकों के परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे है, पात्रता परीक्षा भी वर्षेां से आयोजित नहीं हुई, ऐसे जटिल नियमों में शिथिलता दी जावे। संविदा शिक्षक पद समाप्त हो जाने के बाद अनुकंपा नियुक्ति किस पद में दी जाए यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है।

अनुकंपा नियुक्ति की जटिलताओं को शिथिल करते हुए पूर्व की भांति विशेष अभियान चलाकर मृतक अध्यापकों के आश्रितों को नियुक्ति दी जावे, जुलाई 2018 से आपकी सरकार द्वारा संविदा शिक्षक/अध्यापक केडर समाप्त करते हुए राज्य शिक्षा सेवा में शासकीय शिक्षक का दर्जा दिया गया, आज भी प्रदेश के हजारों अध्यापक नवीन नियुक्ति से वंचित है सभी वंचित अध्यापकों को बिना शर्त नवीन कैडर में नियुक्त किया जावे।

राज्य शिक्षा सेवा में नियुक्त हजारों शिक्षकों का डाटा एम्पलाईज कोड जारी नहीं किया गया है शीघ्र पूर्ण किया जावे, तीन संतान वाले शिक्षकों के संबंध में उठाए गए विधानसभा प्रश्र का उत्तर तत्कालीन शिक्षामंत्री द्वारा विधानसभा में दे दिया गया है इसे बार-बार आदेशित  कर भय का वातावरण ना बनाया जावे इसे विराम दिया जावे।

कोरोना संक्रमण के कादरण महंगाई भत्ते एवं वार्षिक वेतन वृद्धि पर लगाई गई रोक हटाई जावे। शिक्षक दिवस के दिन उक्त समस्याओं की ओर मप्र सरकार का ध्यानाकर्षण को लेकर यह ज्ञापन राज्य शिक्षक संघ द्वारा सौंपा गया है और शीघ्र समस्या निराकरण की मांग की गई हैं।