पूजा स्वर्णकार का समूह संचालकों को खुला संरक्षण, गरीब के हकों पर डाल रही है डाका - KOLARAS NEWS

हार्दिक गुप्ता@कोलारस।
जिले के कोलारस क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र की आंगनबाड़ियों की हालत तालाबंदी जैसी है कोविड-19 के हालात में शासन द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों पर बांटने के लिए पोषण आहार हर माह आ रहा है। लेकिन परियोजना अधिकारी के खुले संरक्षण के चलते समूह संचालकों के हौसले बुलंद हैं।

वह गरीबों को मिलने वाला हक पूरा की पूरा डकारने पर तुले हुए हैं आंगनबाड़ियों पर पुताई, स्टेशनरी आदि का फंड कागजों में डालकर खानापूर्ति कर दी जाती है धरातल पर कुछ भी दिखाई नहीं देता है।

दूसरी ओर सेक्टर सुपरवाइजर अपने क्षेत्र में देखने तक नहीं जाते कि गरीबों को शासन से आने वाली सामग्री मिल रही है या नहीं शासन द्वारा जहां महिलाओं नवजात शिशु को पोषित बच्चों गर्भवती माताओं के सर्वागीण विकास के लिए महिला बाल विकास विभाग के माध्यम से तमाम तरह की जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।

परंतु कोलारस महिला बाल विकास विभाग में पदस्थ आला अधिकारी से लेकर कर्मचारियों की मनमानी नीतियों के चलते जरूरतमंद लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ कहीं से कहीं तक नहीं मिल पा रहा है जिसके चलते क्षेत्र में कुपोषण अपने पैर पसार रहा है

इन दिनों आंगनबाडय़िों पर तालाबंदी जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं

कोलारस के अंतर्गत आने वाले शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में अधिकांश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के घरों पर ही संचालित की जा रही है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का पूरा कार्य उनके पति या अन्य परिजन देख रहे हैं।

कोलारस में पदस्थ जिम्मेदार सेक्टर अधिकारियों द्वारा ग्रामीण अंचलों की आंगनबाडय़िों का निरीक्षण तक नहीं किया जाता जिसके चलते कार्यकर्ताओं सहायिकाओं के हौसले बुलंद बने हुए हैं।

कोलारस के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण अंचल की अनेक आंगनबड़ियो, पर सेक्टर सुपरवाइजरयो को यहां पर तैनात किया गया है परंतु वह भी परियोजना अधिकारी के सुस्त रवैए के चलते लापरवाही दिखा रही है और निरीक्षण कागजों में करके प्रतिमाह कार्यकर्ताओं सहायिकाओं से रिपोर्ट बनाने के नाम पर रुपया बसूल रही हैं।

समूह संचालक के साथ मिलकर गरीबो के हिस्से का भोजन डकार रही है जिससे क्षेत्र मे दिन प्रतिदिन कुपोषण के शिकार बच्चे हो रहे है आला अधिकारियों सेक्टर सुपरवाइजर की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीण अंचल के जरूरतमंद लोग उठा रहे हैं।

कोलारस के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों मे ना तो बच्चों को पोषण आहार और नाश्ता तक आंगनबाडय़िों में नहीं बांटा जा रहा है। अनेक बार पोषण आहार ग्रामीण जनों द्वारा कार्यकर्ताओं को देखते हुए तक पकड़ा है ।ग्रामीणो ने जानकारी देते हुए बताया कि सुपरवाईजर की मिलीभगत के साथ ले देकर मामला दबा दिया जाता है।

ग्रामीण क्षेत्र की अधिकांश आंगनबाडिंयों में ना तो मासूम बच्चों को पोषण आहार और नाश्ता तक नहीं दिया जा रहा है महिला बाल विकास द्वारा आंगनबाडय़िों में खिलौनों से लेकर अन्य सामग्री प्रदान की गई थी।

परंतु ग्रामीण क्षेत्र की आंगनबाडय़िों में यह पूरा सामान ही गायब दिखाई देता है और अंधेर नगरी चौपट राजा वाली कहावत की तर्ज पर कोलारस के अंतर्गत आने वाली अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र की आंगनवाडियां संचालित हो रही है।