कोरोना काल के कफ्यू में लॉक हो गए बदरा: सावन सूखा भादौ गिला और प्यासा मडीखेडा और चांदपाठा / Shivpuri News

शिवपुरी।
जिले में 15 जून से वर्षाकाल का शुभांरभ माना जाता हैं,लेकिन इस बार बदरा लॉकडाउन में लॉक हो गए,बदराओ ने बरसने में देर की और कजूंसी बरती हैं। इस कारण सावन भी सूखा गुजरा,भादो में बदराओ ने कुछ कृपा की है। इस कारण जिले के प्रमुख पेयजल के दोनो स्त्रोत प्यासे हैं। मडीखेडा डेम की भराव क्षमता से लगभग 10 मीटर कम हैं और चांदपाठा तालात अपनी भराव क्षममा से अभी 3 फुट खाली हैं।

जैसा कि विदित हैं कि शिवपुरी नगर में पेयजल सप्लाई के 3 प्रमुख स्त्रोत हैं। पहला नगर के बोरबैल,मडीखेडेम और चांदपाठा। पहले बात मडीखेडा डेम की करते हैं। मडीखेडा डेम की भराव क्षमता 346.25 मीटर हैं। लेकिन वर्तमान की बात करे तो अभी इस डेम में 336.70 मीटर पानी हैं। अभी यह अपनी क्षमता से लगभग 10 मीटर खाली हैं।

इस साल अच्छी बारिश होने के कारण यह हालत बने हैं। मडीखेडा अटल सागर डेम की प्यास बुझाने वाली सिंध नदी इस साल एक भी बार नही उफनी हैं। सिंध मे जिले के कोलारस क्षेत्र,गुना जिला अशोकनगर जिला और विदिशा जिला के पानी आता हैं। शिवपुरी के अतिरिक्त इन जिलो में भी बदराओ ने इस बार कफ्यू जैसे हालत बना रखे हैं। इस कारण सिंध नदी एक भी बार नही उफनी हैंं।

मडीखेडा सिंध जलावर्धन योजना के तहत मडीखेडा से शहर को पेयजल की सप्लाई होती हैं। अब अगर डेम खाली रहता है तो यह चिंता का विषय हैं इसके अतिरिक्त डेम का पानी का यूज बिजली बनाने और खेतो की सिंचाई के लिए भी होता हैंं।

अब बात शहर के चांदापाटा तालाब की करते हैं। यह तालाब माधव नेशनल पार्क की सीमा मे आता हैं। वर्षो से यह तालाव शहर के प्यासे कंठो की प्यास बुझता आ रहा हैं इसके अतिरिकत यह तालाब नेशनल पार्क के वन्य जीवो की भी प्यास बुझाता हैं। इस तालाब की भराव क्षमता 1132 है और वर्तमान में यह अपने टारगेट से 3 फीट खाली है।

अब शहर के प्यासे कंठो की प्यास बुझाने का कार्य शहर में लगे सैकडो संख्या में लगे बोरबैल शहर की प्यास बुझाते हैं,लेकिन अगर पानी कम वर्षा ओर अपने निर्धारित आंकडे को छू नही पाया तो शहर का वाटरलेबल का स्तर कम रह जाऐगा तो आने वाले ग्रीष्म काल में बोरबोल भी पानी नही देगें।

अभी तक शिवपुरी जिले में 1 जून से अभी तक 361.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है। जिले में गत वर्ष आज दिनांक तक 415.1 मिमी वर्षा हुई थी। भू—अभिलेख अधीक्षक ने बताया कि जिले की औसत वर्षा 816.3 मिमी हैं। गत वर्ष जिले में कुल 1049.16 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई थी।