नेशनल डॉक्टर डे: बडौदी में कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं जांच हुई / Shivpuri News

शिवपुरी। हर साल 1 जुलाई को देशभर में डाॅक्टर्स डे मनाया जाता हैं क्योकि 1 जुलाई को देश के महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के दुसरे मुख्यमंत्री डाक्टर बिधान चंद्र राॅय का जन्मदिन और पुण्यतिथि होती हैं यह दिन उन्ही की याद में मनाया जाता है इसके अलावा यह खास दिन स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले उन तमाम डाक्टरों को समर्पित हैं जो हर परिस्थिति में डाक्टरी मूल्यों को बचाए रखते हुय अपना फर्ज निभाते हुए मरीजो को बेहतर से बेहतर ईलाज मुहैया कराते है।

यह कहना हैं स्वयं सेवी संस्था के संचालक रवि गोयल का जिन्होने की डाक्टर डे के उपलक्ष्य में ऐसे ही बच्चों के लिए समर्पित जिले के शिशु रोग विशेषज्ञ डा निसार अहमद जो कि 2005 से पोषण पुनर्वास केन्द्रों की स्थापना से लेकर अतिकम वजन या कोई भी कुपोषित बच्चा आता है तो उसको निशुल्क अपनी सेवाए यहा तक कि दवाईयां भी उपलब्ध करा देते है।

आज का डाक्टरों को जो कोविड 19 में अपनी जान न्यौछावर कर चुके हैं लेकिन मरते मरते ना जाने कितने कोविड 19 के मरीजो को ठीक करके गए है ऐसे कोरोना यौद्धाओं को याद करने का दिन है उनको सम्मान देने का दिन है और ऐसे कोरोना यौद्धाओं को सलाम करने का दिन हैं। इसी उपलक्ष्य में स्वंय सेवी संस्था शक्तिशाली महिला संगठन एवं परियोजना अधिकारी आईसीडीएस शिवपुरी शहरी द्वारा आदिवासी वस्ती बड़ौदी में अतिकम वजन के कुपोषित बच्चें जो कि कोरोना के डर से जिला चिकित्सालय जाने से कतरा रहे हैं।

ऐसे कुपोषित बच्चों के लिए आज डा. निसार अहमद शिशु रोग विशेषज्ञ ने सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हर एक बच्चें को सेनिटाईजर से हाथ साफ कराकर जांच की। डा निसार अहमद ने कहा कि आज डाक्टर डे पर सम्मान पाकर एवं खासातौर से कुपोषित बच्चों की जांच करके बहुत खुशी हो रही है बच्चे हमारे देश का भविष्य है।

प्रत्येक माता पिता को बच्चों के पोषण स्तर पर एवं कोविड 19 के संक्रमण से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता हैं डाॅक्टर निसार द्वारा 20 अति कम वजन एवं कम वजन के  कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की एवं उनको पोषण स्तर सुधारने के लिए स्पेशल न्यट्रीशनल डाईट वितरित की।

परियोजना अधिकारी पवन तिवारी  द्वारा कुपोषित बच्चों के लिए निशुल्क दवाईय  वितरित की एवं खानपान के लिए माताओं को विशेष सुझाव दिये। कार्यकम में डां निदा खान द्वारा गर्भवती एवं किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांच की खून की कमी वाली मरीजों को आयरन के सीरप एवं अन्य उपयोगी दवाईयां वितरित की एवं गर्भवती माताओं को कोविड 19 में विशेष सावधानी वरतने की नसीहत दी एवं खानपान एवं आराम करने की विशेष सलाह दी।

कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी पवन तिवारी महिला बाल विकास ने डा0 निसार अहमद को शाॅल श्रीफल एवं एरीकापाम का पौधा देकर सम्मानित किया एवं कुपोषित बच्चों की जांच करने पर विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालक रवि गोयल ने डा. संजय ऋषिश्वर को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अतुल्यनीय योगदान एवं खासतौर से बच्चों एवं माताओं को लगने वाले टीकाकरण में विशेष योगदान के लिए एवं स्वास्थ्य विभाग में  मैदानी अमले को टीकाकरण के लिए सही से मार्गदर्शन देने के लिए डाक्टर डे पर शाॅल श्रीफल एवं एक पौधा देकर सम्मानित किया ।

कार्यकम में पर्यवेक्षक सुश्री निवेदिता मिश्रा रजनी सेन एवं सयुंक्त रुप से मेडिकल आफीसर डा निदा खान को महिलाओं के स्वास्थ्य में खरई तैदूआ में खास योगदान के लिए शाॅल श्रीफल एवं एक पौधा देकर सम्मानित किया । डा संजय ऋषिश्वर ने बताया कि डाक्टर डे मनाने की शुरुआत 1991 में तत्कालिक सरकार द्वारा की गई थी तब से हर साल डाक्टर्स डे मनाया जाता है जो कि चिकित्सकों को सम्मान एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मनाया जाता है।

कार्यकम में गर्भवती किशोरी एवं कुपोषित बच्चों की माताओं ने डाक्टर्स डे पर अपने स्वास्थ्य जांच एवं कुपोषित बच्चों के बेहतर जांच के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया एवं कोविड 19 में अपनी जान गवा चुके डाक्टरों को हमेशा याद किया जाना चाहिऐ मुसिवत की इस घड़ी मे डाक्टर्स ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मानवता के लिए अपनी जान खतरे में डाल दी ऐसे कोरोना यौद्धाओं को माताओं ने सलाम किया।

कार्यक्रम में डा निसार अहमद, निदा खान, डा संजय ऋषिश्वर , पवन तिवारी परियोजना अधिकारी , संचालक रवि गोयल, स्वंय सेवी संस्था की सुपोषण सखी , अंागनवाड़ी कार्यकर्ता रजनी सेन, सहायिका , सुपोषण सखी उपस्थित थी।