आधे सावन में हो रही हैं नाले की सफाई या बजट ठिकाने लगाने की कार्रवाई / Shivpuri News

शिवपुरी। शहर में इन दिनों नगर पालिका प्रशासन भले ही प्रशासक के हाथ में हो लेकिन नपा के कर्ताधर्ताओं द्वारा लगातार भ्रष्टाचार कराने में पीछे नहीं रहते हैं। इसी कड़ी में बरसात से पूर्व सफाई कराने वाले नालों में अब बरसात के मौसम को निकले दो माह हो रहे हैं (भले ही बारिश न हुई हो)और अब नालों में जेसीबी मशीनों को उतार कर सफाई कार्य प्रारंभ करा दिया गया हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि नगर पालिका प्रशासन कितना शहर के प्रति सचेत हैं।

पिछले वर्ष भी बगैर टेण्डर के मौखिक आदेश के माध्यम से एक फर्म से नाला सफाई कार्य कराया गया था, लेकिन अब इस कार्य में भी पूर्व की भांति यह कार्य पुन: प्रारंभ कर दिया हैं। अब देखना यह हैं कि शहर के कितले नाले साफ हो पायेंगे या फिर पुन: नपा के बजट में एक बार फिर सेंध लग जाएगी। क्योंकि शहर के अधिकांश नालों पर इन दिनों अतिक्रमण कारियों का कब्जा बना हुआ हैं।

झांसी तिराहे नाले पर हुआ अतिक्रमण सड़क पर बह रहा हैं पानी

शहर के बीचों बीच स्थित पिछले वर्ष के नाला सफाई के समय इस नाले के अतिक्रमण हटाकर झांसी तिराहा सड़क पर बहने वाले पानी को नाले के माध्यम से निकाला गया था, लेकिन अब पुन: एक बार फिर अतिक्रमणकारी ने चारों तरफ फर्सी लगाकर बीच नाले पर मंदिर का निर्माण करा करा चारों ओर बेस कीमती जगह तैयार कर करोड़ों रूपए की राशि की जमीन पर कब्जा करके बीच शहर में बैठ गया हैं।

लेकिन नगर पालिका के कर्ताधर्ताओं को इस नाले का अतिक्रमण नजर नहीं आ रहा हैं। अब देखना यह है कि नगर पालिका प्रशासन इस नाले के अतिक्रमण को हटा पाते हैं या नहीं। क्या इन नालों की सफाई होती हैं या नहीं?

विष्णु मंदिर,कमलागंज नाले का आज तक नहीं हटा अतिक्रमण

शहर के बीचों बीच स्थित नालों पर इन दिनों अतिक्रमण कारियों की नजर इस कदर हैं कि जहां पर थोड़ी सी जगह दिखती हैं वहां पर कब्जा कर पूरे नाले पर अतिक्रमण कर लिया जाता हैं। जबकि पूर्व में एक शहर के जागरूक छात्र ने नालों पर अतिक्रमण को लेकर एक एनजीटी से आदेश जारी करा कर नालों को मुक्त कराया था, लेकिन अब पुन: नालों पर कब्जा होता दिखाई दे रहा हैं।

उदाहरण के लिए विष्णु मंदिर नाले की फाईल जिलाधीश से लेकर कमिश्नरी तक पहुंची लेकिन नाले का कब्जा यथावत आज भी बना हुआ हैं। वहीं कमलागंज पर पुन: पर पूरा मकान ही तन कर खड़ा इसका आज तक कुछ भी नहीं हो सका। अब देखना यह हैं कि नगर पालिका प्रशासन इन अतिक्रमणों को हटा पाती हैं या नहीं।