सार्वजनिक स्थलों पर नहीं होगा धार्मिक आयोजन, रेड जोन से आने वाले 7 दिन होंगे होम क्वारंटाइन / SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं। जिसके तहत कोई भी धार्मिक कार्य एवं त्योहार का आयोजन सार्वजनिक स्थलों पर नहीं किया जाएगा, न ही कोई धार्मिक जुलूस या रैली निकाली जाएगी।
संपूर्ण शिवपुरी जिला राजस्व सीमान्तर्गत दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत जारी आदेश में सार्वजनिक स्थानों पर किसी प्रकार की बड़ी मूर्ति, झांकी आदि स्थापित नहीं की जाएगी। सभी नागरिक अपने-अपने घरों में पूजा, उपासना करेंगे। जिले में प्लास्टर ऑफ पेरिस(पीओपी) की बड़ी मूर्ति का निर्माण नहीं किया जाएगा।

अनुविभागीय दण्डाधिकारी, इसींडेंट कमांडर अपने-अपने अनुभाग में उक्त आदेश का कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करेंगे। धार्मिक, उपासना स्थलों पर एक समय में 05 से अधिक व्यक्ति इकट्ठे न हों। साथ ही उपासना स्थलों पर फेस कवर एवं सोशल डिस्टेसिंग के मानकों का कढ़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

रक्षाबंधन के त्योहार पर अत्यधिक कोरोना संक्रमित क्षेत्र (रेड-जोन) से शिवपुरी जिले में आने वाले व्यक्ति वापिस अपने गन्तव्य को जा सकते हैं, लेकिन जिस परिवार में वो आये हैं, उस पूरे परिवार को 07 दिवस तक होम क्वांरटाइन रहना होगा। अनुविभागीय दण्डाधिकारी/इंसीडेंट कमांडर अपने-अपने अनुभाग में ऐसे परिवारों को होम क्वारटाइन की कार्यवाही कर, उनसे स्व-घोषणा पत्र भरवाकर उनके निवास पर फ्लैक्स लगाये जाने की कार्यवाही करेंगे।

जिले से अत्यधिक कोरोना संक्रमित क्षेत्र (रेड-जोन) में जाने वाले व्यक्तियों को वापिस शिवपुरी आने पर स्वयं को 07 दिवस तक होम-क्वांरटाइन रहना होगा। क्वारंटाइन परिवार अपने परिवार के 60 साल से अधिक उम्र के सदस्यों पर विशेष निगरानी रखेंगे, किसी भी प्रकार के कोरोना संबंधी लक्षण दिखने पर तत्काल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.ए.एल.शर्मा जिला शिवपुरी को उनके मो.न. 94257-65684 पर अवगत करायेंगे।

विवाह समारोह में मेहमानों की संख्या 20 से अधिक नहीं होगी इसमें वर एवं वधु पक्ष के अधिकतम 10-10 व्यक्ति सम्मिलित हो सकेंगे। इसी प्रकार किसी पारिवारिक कार्यक्रम यथा जन्मदिन सालगिरह आदि समारोह में 10 से अधिक व्यक्ति सम्मिलित नहीं होगे। अंतिम संस्कार से संबंधित कार्यक्रमों में पूर्ववत अधिकतम 20 व्यक्ति सम्मिलित हो सकेंगे।

यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरूद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के अंतर्गत एवं ऐपीडेमिक एक्ट 1897 तथा अन्य सुसंगत अधिनियमों के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जावेगी।