शादी में शामिल होने जा रहे ठेकेदार की बुलेरो नदी में गिरी, 7 सदस्य पानी में डूबे / Shivpuri News

शिवपुरी। जिले के भौंती की परोच नदी में मंगलवार की रात एक बुलेरो कार गिर गई। जिससे कार में सवार ठेकेदार  अमित कुमार और उसके परिवार के 7 सदस्य पानी में डूब गए।

लेकिन ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें पानी से बाहर सुरक्षित निकाल लिया। जिससे एक बड़ी घटना घटित होने से बच गई। घटना सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार की गलती के कारण घटित हुई। क्योंकि पुलिया निर्माण होने के चलते रास्ते को डायवर्ड किया गया था। लेकिन वहां कोई सांकेतिक बोर्ड नहीं लगाया गया। जिस कारण यह दुर्घटना घटित हो गई।

जानकारी के अनुसार गुरूद्वारा के पीछे रहने वाले ठेकेदार अमित कुमार पुत्र बैजनाथ प्रसाद झा अपनी पत्नी, चार बच्चे और बहू के साथ मंगलवार की सुबह ललितपुर में आयोजित एक विवाह समारोह में शामिल होने अपनी बुलेरो कार से गए थे और रात के समय वह ललितपुर से शिवपुरी लौट रहे थे।

जहां भौंती से पहले पडऩे वाली परोंच नदी पर पुल निर्माण कार्य चलने के कारण रास्ता बंद कर दिया गया। लेकिन वहां ऐसे कोई सांकेतिक बोर्ड नहीं लगाए गए। जिससे वाहन चालकों को ज्ञात हो सके कि वहां कार्य चल रहा है और रात का अंधेरा होने के कारण कार चला रहे ठेकेदार अमित कुमार को रास्ता नहीं दिखा और उनकी कार में नदी में जाकर गिर गई।

अचानक कार गिरने से चीख पुकार मच गई। जिसे देखकर वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों ने नदी में छलांग लगा दी और एक-एक कर कार से लोगों को बाहर निकाला। जिससे वह सभी लोग सुरक्षित बच गए। हालांकि कार पानी में डूब गई। इसके बाद पुलिस को मौके पर बुलाया गया।

जहां ठेकेदार ने पुलिस से शिकायत की कि सड़क निर्माण ठेकेदार की गलती के कारण यह हादसा हुआ है। लेकिन पुलिस ने उन्हें यह कहकर चलता कर दिया कि उनकी जान बच गई वह ही बहुत है।

सूचना के बाद भी नहीं पहुुंची 108 एम्बुलेंस

ठेकेदार अमित कुमार ने बताया कि घटना के बाद उनका सारा सामान, मोबाइल और कार पानी में डूब गए। रात भी अधिक हो गई थी और उनके छोटे-छोटे बच्चे भीगने के कारण ठंड से कपकपा रहे थे। उनके पास घर जाने को कोई साधन नहीं था, उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को मुंदी चोटें आई थी।

जिस पर उन्होंने 108 एम्बुलेंस को फोन किया। लेकिन 108 एम्बुलेंस वहां नहीं पहुंची। कई बार उन्होंने उक्त नम्बर पर सम्पर्क  कर अपनी समस्या बताई लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। तब हार तक कर उन्होंने किसी तरह अपने छोटे भाई से सम्पर्क साधा इसके बाद रात करीब 12 बजे उनके परिवार के लोग कार से घटना स्थल पर पहुंचे और उन्हें वहां से घर लाए।