गैंगरेप के बाद डायन घोषित कर प्राइवेट पार्ट में रॉड डालने वाले 7 और आरोपी गिरफ्तार / BAIRAD NEWS

बैराड़। खबर जिले के बैराड़ क्षेत्र के गोवर्धन थाना क्षेत्र से आ रही है। जहां एक महिला को डायन घोषित कर उसके साथ 15 लोगों ने गैंगरेप की बारदात को अंजाम दिया था। इस दौरान आरोपीयों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थी। आरोपीयों ने पीडिता के प्रायवेट पार्ट में लोहे की रॉड तक डाल दी थी।
इस मामले में पलिस ने 15 लोगोें पर गैंगरेप सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया था। इस मामले में पूुलिस ने तत्काल 8 आरोपीयों को गिरफ्तार तो कर लिया था। परंतु 7 आरोपी अभी भी फरार चल रहे थे। जिसपर से आज पुलिस ने इन 7 आरोपीयो मुकेश पुत्र जनवेद आदिवासी उम्र 35 साल निवासी ग्राम केमरारा, बंटी पुत्र जनवेद आदिवासी उम्र 30 साल निवासी कैमरारा,तेजसिंह पुत्र जनवेद आदिवासी उम्र 25 साल निवासी कैमरारा,रामेश्वर पुत्र बुद्धुराम आदिवासी उम्र38 साल निवासी कैमरारा, अजमेर उर्फ अजमेश पुत्र सोबतिया आदिवासी उम्र 25 निवासी कैमरारा, तोरन पुत्र मंगलिया आदिवासी उम्र 50 साल निवासी कैमरारा, रामकटौरी पत्नि अशोक आदिवासी उम्र 34 साल निवासी थाना गोवर्धन जिला शिवपुरी को गिरफ्तार कर लिया है।

बताया गया है इन सभी पुरूष आरोपीयों पर पुलिस अधीक्षक ने 22 हजार रूपए का इनाम घोषित किया था। इन आरोपीयों को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी अंशुल गुप्ता आरक्षक निरंजन आरक्षक अभिमन्यु आरक्षक हुकुम, आरक्षक अजय यादव,आरक्षक अजय रावत, जितेन्द्र दुवे, नीरज तिवारी की सराहनीय भूमिका रही।

शिवपुरी समाचार को पीड़िता ने बताई थी यह आपबीती

बीते 1 जून 2015 को पीडि़ता ने बताया कि मैं तो मेहनत-मजदूरी करके अपने बच्चों का पेट भर रही थी लेकिन गांव में रहने वाले दबंग कहने लगे कि गांव में जो बच्चे मर रहे हैं, उन्हें तू डायन खा रही है।

शुक्रवार को तो वे मुझे झोंपड़ी से बाल पकड़ कर खींचते हुए गांव में ले गए और मेरे हाथ-पैरों को पेड़ से बांध दिया। फिर लोहा गर्म करके मेरे पैर को जलाया। मैं चीखती रही लेकिन कोई मुझे बचाने भी नहीं आया।

तीन दिन तक मेरे साथ ज्यादती की तो मुझे जान बचाकर भागना पड़ा। मैं अगर गांव से भागती नहीं तो दबंग मुझे जान से मार देते। पीडि़ता ने अपने शरीर के उन जख्मों को भी दिखाया, जो लोहे की गर्म सलाखों से दागने की वजह से उसके शरीर पर हो गए थे। पीडिता के शरीर का शायद ही कोई हिस्सा था जहां दागने के निशान न हों।

पाठकों को यह हम बता दे डायन घोषित करने वाली बात सबसे पहले शिवुपरी समाचार डाट कॉम ने प्रकाशित थी। प्रशासन इस बात को सिरे से नकार रहा था कि डायन घोषित करने वाली बात केवल अफवाह है लेकिन ग्वालियर में पीडिता के बयानो से इस बात की पुष्टि कर दी है कि उसे कई दिनो से ग्रामीणो ने डायन घोषित किया हुआ था। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था।