शिवम पाण्डेय/खनियांधाना। जिले के खनियाधाना जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुहारीखुर्द में सरपंच सचिव ने मिलकर शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए कागजो में विकास कार्य करके फर्जी वेंडर के बिल लगाकर ग्राम पंचायत के विकास के लिए आई राशि का आहरण कर लिया है।
सरपंच सचिव द्वारा ग्राम पंचायत में पंचायत भवन के पास सीसी रोड निर्माण के लिए आई राशि से स्वयं की जेब भर ली सरपंच सचिव द्वारा सामुदायिक भवन बनाने के बीच जमकर लापरवाही की गई है। सरपंच सचिव द्वारा सामुदायिक भवन की राशि का आहरण स्वयं की जेब में कर लिया है।
शासन द्वारा ग्राम पंचायत के विकास के लिए लाखों की राशि स्वीकृत की थी लेकिन सरपंच सचिव ने न तो विकास कार्य के लिए आई राशि से ग्राम पंचायत का विकास किया और संपूर्ण पैसा स्वयं स्वयं के विकास कार्य में लगा दिया गया है ग्राम पंचायत मुहारीखुर्द में सरपंच सचिव रोजगार सहायक ने शासन की जितनी भी योजनाएं हैं।
उन योजनाओं से गांव के लोगों को वंचित रखा गया है जिसमें आवास योजना में सिर्फ अपने चहेतो को छोड़कर बाकी किसी भी आवास ओर योजना का लाभ नहीं मिला है। आवास योजना में अधिकांश लोगों के ठेके पर आधे अधूरी आवास बना कर जमकर बंटाधार किया है।
इस बंटाधार में में तात्कालिक सहायक यंत्री एवं उपयन्त्री की सह भूमिका स्पष्ट नजर आ रही है। बिना सहायक यंत्री एवं उपयन्त्री के निरीक्षण राशि का आहरण नहीं हो सकता।
ग्रामीणों का कहना है की शासन की हमे किसी भी महत्वपूर्ण योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। वही आश्चर्य की बात यह है की जनपद के अधिकारियों और कर्मचारियों ने निर्माण कार्य फोटो लिये बिना एवं मॉनिटरिंग किए वगैर विकास कार्यों का मूल्यांकन किये वगैर वेंडर को भुगतान कर दिया। जिससे सम्बंधित तात्कालिक सहायक यंत्री ,इंजीनियर एवं की मिलीभगत का अंदाजा लगाया जा सकता है।

