शादियो का अंतिम चरण: जिले में 300 शादी होने का अनुमान, कंट्रोल कोरोना अनकंट्रोल ना हो जाए

शिवपुरी। शादियो का अब अंतिम चरण चल रहा हैं। शुरूवाती लॉकडाउन के अंतिम चरण में शादियो को लॉक कर दिया था लेकिन फिर सरकारी गाईड लाईन बनाकर शादियां अनलॉक कर दी गई,प्रशासन शादियो की अनुमति अवश्य दे रहा हैं लेकिन अभी तक प्रशासन की टीम एक भी शादी समारोह स्थल पर हकिकत जानने नही पहुंची। अब शादियो का अंतिम चरण हैं जिले में 300 शादिया होने का अनुमान हैं।

कोरोना काल में हो रही शादिया समाज में नया कल्चर लेकर आई हैं। कम खर्चे में शादियो संपन्न हो रही हैं। समाज के लिए यह अच्छी पहल हैं,लेकिन इन शादियो में कोरोना की गाईड लाईन के नियमो का पालन नही हो रहा हैं। इस कारण यह शादी शिवपुरी के स्वास्थय को बिगाड सकती हैं,अभी तक जिले में कंट्रोल है कोरोना कही यह अनकंट्रोल न हो जाए।  

चार महीने नहीं हैं शादियां
हिंदू धर्म की बात करें तो 1 जुलाई से देवशयनी ग्यारस के बाद विवाह मुहूर्त देव प्रवोधनी ग्यारस तक करीब 4 माह नहीं है। अंतिम चरण के इन सहालग में शहर सहित अंचल में बडी संख्या में विवाह समारोह हैं। कई जोड़ों के विवाह मुहूर्त भी अगले एक साल तक नक्षत्रों के फेर में नहीं निकल रहे हैं। सोमवार का भड़ैया नवमी को जिले में करीब 300 विवाह समारोह आयोजित होने हैं, जिन पर लॉकडाउन की पाबंदी तो है, लेकिन अब पहले जैसा प्रतिबंध नजर नहीं आ रहा है।

50 की कुल अनुमति, माता पूजन में ही दिखा महिलाओं का हुजूम
यूं तो नियमों में वर वधु पक्ष को मिलाकर महज 50 लोगों के शामिल होने की अनुमति है, लेकिन विवाह का मुख्य समारोह तो छोड़िए रविवार को माता पूजन की रस्म के दौरान शहर के प्राचीन राज राजेश्वरी और कैलामाता मंदिर पर माता पूजन के लिए वर वधु के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची। हालात यह थे कि मंदिर परिसर महिलाओं से खचाखच भरा था। जहां सुरक्षित दूरी कतई नजर आई और न ही महिलाओं ने मास्क पहन रखे थे। यह स्थिति रविवार को दिन भर मंदिरों पर नजर आई।