कोलारस। कोलारस नगर में अचानक हुई बारिश से कोलारस कृषि उजज मंडी में खुले में पडा चना भीग गया। अब चना अंकुरित भी होने लगा हैं भीगने से सडने लगा हैं। अनुमान के मुताबिक लगभग 10 हजार क्विटल चना खराब हो गया। अब इस चने के मुल्य का भुगताना कौन करेगा।
चना भीगा मीडिया पर हल्ला बोल कार्यक्रम शुरू हो गया। प्रशासन की ओर से अधिकारियो के दौरे शुरू हो गए। कार्रवाई की बात भी शुरू हो गई। कार्रवाई की बात वही अफसर कर रहे हैं जिन पर ही कार्रवाई होनी हैंं पिछले साल चना मिलावट काण्ड में कई किसानो के भगतान अटके पडे हैं। इस बार भी इस चने को नान अमानक घोषित करेगा तो फिर चने का भुगतान अटक जाऐगा। अधिकारी पिछले वर्ष की तरह ही अपना ट्रांसफर कराकर जिले से भाग जाऐंगें।
इस लापरवाही की सजा फिर गरीब भगतेगा। अगर ऐसा होता हैं तो क्यो। हर बार ही गरीब किसान क्यो मरेगा। सवाल बडा हैं हम सबको मिलकर खोजना हैं। इस नुकसान की भरपाई अफसरो से करनी होगी। पिछले वर्ष कोलारस के चना खरीदी में कंकट और रेत मिलाने का कारोबार जोर से चला। नान ने माल रिजेक्ट किया।
माल बेचने का प्रयास किया 3 बार टेंडर हुए जब जाकर व्यापारियो ने माल उठाया। लेकिन आज कई किसानो के भुगतान अटके पडे हैं मामला ज्यादा उलझा तो जिला सीपी भदौरिया जिला उपपंजीयक सहकारिता और पीयूष माली डीएम नान ने अपना ट्रांसफर करा लिया।
जैसा कि विदित हैं कि कृषि उपज मंडी कोलारस में प्राथमिक कृषि शाखा सहकारी
संस्था मर्यादित कोलारस द्वारा चना की खरीद की जा रही थी। यह खरीद पडौरा स्थित बालाजी वेयर हाउस पर की जा रही थी,लेकिन वेयर हाउस के फुल हो जाने के कारण यह खरीद कृषि उपज मंडी कोलारस में शुरू कर दी थी।
रविवार को अचानक तेज बारिश हुई और खुले में खरीद होने के कारण चना खुल में पडा हुआ था और चना भीग गया और लगभग 10 हजार क्विटल चना खराब होने का अनुमान हैं। चना अकुंरित होने लगा है और सडने लगा हैं। नान इस चने को 100 प्रतिशत रिजेक्ट करेगी। जिससे किसानो का भुगतान रूकेगा।
जिम्मेदार नहीं समझ रहे अपनी जिम्मेदारी
प्राथमिक सहकारी व अन्य संस्थाओं पर किसानों का जो चना तुल रहा है उस उपार्जन को सुरक्षित रखकर परिवहन की जिम्मेदारी नागरिक अपूर्ति निगम, सहकारिता,खादय विभाग,एमपीडब्लूएलसी,कॉआपरिटिव आदि विभागों कि बनती है। यदि कृषि उपज मंडी कोलारस उपज मंडी में रखे माल का समय रहते परिवहन हो जाता तो शासन का करोडों का नुकसान न होता लेकिन संबधितों ने अपनी हठधर्मिता के चलते खुले में पडे हुए चने की सुध नही ली और रविवार को हुई बारिश ने किसानों का हजारों क्विटल चना खराब हो गया जिससे शासन को करोडों रूपये का नुकसान हुआ बाबजूद इसके संबधित विभाग के जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर रहे हैं।
जिले के वरिष्ट अधिकारियों ने की जांच-पडताल
कोलारस के कृषि उपज मंडी कोलारस उपज मंडी प्रांगड में बारिश से खराब हुए हजारों बोरे चने की जांच करने के लिए जिला कलेक्टर के निर्देशन में अपर कलेक्टर बालोदिया ने नागरिक अपूर्ति निगम के जिला खादय अधिकारी नारायणलाल शर्मा, जिला महा प्रबंधक सहकारिता बैंक बायके सिंह सहित अन्य कर्मचारियों को लेकर मंडी प्रागंड में पडे हुए खराब चने का निरीक्षण किया अंकुरित हुए चने की दुर्दशा व किसानों की पीडा सुनकर संबधित जिम्मेदारों पर गरजे और जांच के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।
जांचकर्ता स्वयं जांच के घेरे मेें
सोमवार व मंगलवार को कृषि उपज मंडी कोलारस उपज मंडी में जांच करने आए जांचकर्ता स्वयंजांच के घेरे में हैं, क्योकि जिम्मेदारी संबधित विभाग के अफसरों पर ही बनती है क्योकिं उनके द्वारा पहले से ही चना खरीदी केन्द्रों की मॉनरिटिंग नहीं की गई और बारिश ने हजारों बोरा चना खराव कर उनका पूरा खेल खराब कर दिया।
खराब माल सरकार को खपाने की तैयारी
कृषि उपज मंडी कोलारस उपज मंडी प्रांगड में बारिश से भीगे चने को जिम्मेदारों द्वारा सरकार को खपाने की तैयारी चल रही है उक्त चना जो कि पूरी तरह से अंकुरित होकर बदबू दे रहा है। उक्त चने का पाला कराकर धुप में सुखाया जा रहा था। लेकिन मंगलवार की दोपहर एक बार मौसम ने फिर संबधितों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। मंडी प्रांगड में बिखरे हुए चने पर जब बारिश की बूंदे गिरी तो आनन-फानन में संबधित अधिकारियों ने एक सूपा वाले ट्रैक्टरों को लाकर उक्त चने का एकत्रित कराकर तिरपाल से ढकते हुए नजर आए।
