बालिका वधू बनने से बची नाबालिग को महिला शाक्तिशाली संगठन ने बनाया आत्मनिर्भर / Shivpuri News

शिवपुरी। एक बेटी जो मां के लिए डर बन रही थी मां ने उसकी शादी तय कर दी, चूकि बेटी नाबलिग थी इस कारण प्रशाासन ने उसकी शादी रूकवा दी। लेकिन महिला शाक्तिशाली संगठन ने उसको आत्मनिर्भनर बनने का जज्वा पैदा किया।

नाबलिग को महिला शकितशाली संघ द्धारा सिलाई मशाीन दिलाई, साथ ही उसके लिए मास्टर ट्रेनर भी रखा जिससे वह अपना कार्य सिख सके और  आत्मनिर्भर बन सके और अपने सपने पूरे करसके। नाबलिग ने सिलाई सिखते समय इस कोरोना काल के चलते बनाया अपना पहला मास्क।

जैसा कि विदित है कि 6 मई को अक्षय तृतीया के दिन परिवर्तित नाम खुशी 15 वर्ष की शादी उसकी मां द्वारा कराई जाने की तैयारी थी,लेकिन प्रशासन को इस शादी की भनक लग गई और मौके पर पहुंच कर उसने यह शादी रूकवा दी।

क्या बेटी के नाबलिग होने पर भी मां उसकी शादी करवाने का फैसला लिया? तो वहीं यह बात भी सामने आती है कि क्या नाबलिग बेटी बन रही थी अपनी मां पर बोझ?टीम की पूछताछ के बाद मां ने स्वीकारा था मां का कहना तो कि वह दिन भर अपने काम के लिए निकल जाया करती थी जिसके चलते बेटी अकेले घर रहती तो मां को चिंता होती थी जिसके कारण वह बेटी के हाथ पीले कर रही है।

जिस पर मां से कम उम्र में बेटी की शादी न करने की बात टीम ने कही और अंत में बेटी ने भी बताया कि वह तो पढ़ाई करना चाहती है और सिलाई बुनाई जैसे कोर्स कर वह आत्मनिर्भर बनना चाहती है। इसका आश्वासन महिला शक्तिशाली समूह के रवि गोयल और उनकी टीम के सदस्यों ने दिया था।

रविवार को पहल कर टीम ने सिलाई मशीन खुशी के घर पहुंचाई। इसके बाद उसने सबसे पहले कॉटन का मास्क बनाना सीखा और उसके बाद वह ब्लाउज, पेटीकोट के साथ झबला बनाना सीखेगी। जिसके निर्माण के बाद इन्हें बाजार में दुकानदारों को संस्था द्वारा विक्रय के लिए भेजा जाएगा। ताकि बेटी को आत्मनिर्भर बनने के लिए  बाजार मिले और उसकी सहायता भी हो सके।