बसों में ठूंस ठूंस कर भरे जा रहे हैं मजदूर, RTO मैडम का भ्रष्टाचार जानलेवा हो सकता है

शिवुपरी। कोरोना काल में प्रशासन की छवि सुधरी हैं। शिवपुरी में अगर बात करे तो पुलिस,स्वास्थय,नगर पालिका सहित कई विभागों का सम्मान अब पब्लिक दिल से कर रही है। वही सम्मान की इस बेला में आरटीओ विभाग प्रशासन की पूरी छबि को दागदार कर रहा हैं। शिवुपरी के प्रवासी मजदूरो को लाने के लिए बसो के भेजने के मामले में आरटीओ शिवपुरी पर उंगली उठने लगी हैं। फिर जानलेवा भ्रष्टाचार चर्चा में आ गया हैं।

जैसा कि विदित हैं कि शिवपुरी के बच्चो को कोटा से लाया गया। बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण करने गए थे। उच्च घरो के हैं ओर अधिकांश बच्चे संभ्रात शहरी परिवारो के हैं। मप्र सरकार को पहला अपने निवासियो को दिगर प्रांत से लाने का कार्यक्रम था धूमधाम से संपन्न किया गया।

राजस्थान के कोटा शहर से मप्र के बच्चो को लाने के लिए मप्र सरकार ने बस भेजी पूरे संभाग से यह बसे भेजी गई,जिले से भी कुछ बसे कोटा गई थी। भेजी गई सभी बसे लक्झरी थी। कोटा नाके पर पूरा माजमा जोडा गया। बच्चो की आगवानी करने पूरा का पूरा जिला प्रशासन नमस्तक हो गया।

कम शब्दो मे लिखे। स्वास्थय सेबाए वेहत्तर,खाना पीना एक दम ओके। पानी भी 20 रूपए लीटर वाला पिलाया गया। मप्र के सीएम भी आनलाईन कॉलिंग पर बच्चो से हालचाल पूछ लिए एक शानदार संवेदनशीलता का परिचय शिवपुरी के प्रशासन और मप्र सरकार ने दिया।

यह मजदूर आए तो सरकार का चरित्र और चेहरा ही बदल गया
अब बात करते हैं प्रवासी मजदूरो की घर वापसी की। आगवानी के लिए सरकारी पटवारी गायब्,बसे बिल्कुल कंडम,और सबसे बडी बात जो नही होनी चाहिए वह हैं बसो में मजदूरो को भेड बकरियो के तरह ठूस कर लाना। कैमरो में कैद अगर फुटैज देखे तो 40 सीटर बसो में 70 सवारी ठुसी हुई थी मानेा इंसानेा को नही जनवरो को भर—भर कर लाया हो।सोशल पर भ्रष्टाचार भारी हो गया।

कोटा से बच्चो को एक बस में 20 की संख्या में लाया गया। लेकिन मजदूरो को लाने के लिए कोई नियम कायदे कानून नही,बसो में क्षमता से अधिक सवारियो से अधिक भरा जा रहा हैं। सोशल का भी ध्यान नही रखा जा रहा हैं,मजदूर मास्क भी नही पहने हैं। एक भी संक्रमित इन मजदूरो मेंं हैं तो पूरी की पूरी बस संक्रमित हो जाने का खतरा हैं।

इन मजूदरो को लाने में सरकार का चेहरा क्यो बदल गया या और कुछ बात हैं। बताया जा रहा हैं। इस कोरोना काल में जहां लोग गरिबो को राशन दान कर पुण्य कमा रहे हैं तो आरटीओ शिवुपरी मधुसिंह भ्रष्टाचार करने मे नही चूक रही हैं।

कही ऐसा तो नही कागजो में बसे भेजी जा रही हैं लेकिन हकिकत में बसो की संख्या कम पहुंच रही हो और भुगतान पूरी बसो को किया जाऐगा। इसी मामले मे शिवपुरी बस आपरेटर अध्यक्ष रनवीर यादव ने कहा कि आरटीओ मेंडम सिर्फ शहर के 2 या 3 बस आपरेटरो की बसे पहुंचा रही हैं।

हम निवेदन कर रहे हैं कि इनके अतिरिक्त भी कई बस आपरेटर हैं। लॉकडाउन में सभी बस आपरेटरो को काम की आवश्यकता हैं लेकिन मेडम हमारी सुनवाई नही कर रही हैं। हम जो बसे अभी जा रही हैं उनसे भी कम रेटो में अपनी बसे भेजने को तैयार हैं,लेकिन फिर भी कुछ चिन्हित लोगो की बसे ही जा रही हैं।