तीसरे दिन भी घरों में कैद रहे,जो निकले उनकी पुलिस ने ली खेर,लगवाई उठक-बैठक | Shivpuri News

शिवपुरी। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते पीएस होटल के पीछे माधव नगर में रहने वाले दीपक शर्मा का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद कलेक्टर अनुग्रह पी ने शहर में 31 मार्च तक कफ्र्यू का आदेश जारी कर दिया, जो रात 12 बजे से प्रारंभ हो गया और सुबह होते-होते लोग इसका पालन करते हुए भी देखे गए।

हालांकि उन लोगों को पुलिस ने खूब सबक सिखाया जो कफ्र्यू के बाद भी शहर में बिना किसी काम के घूमते नजर आए। कफ्र्यू के दौरान गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले पुलिस की टीमें घूम-घूम कर लोगों से कफ्र्यू का पालन करने की अपील कर रहे हैं। लेकिन कई स्थानों पर इस अपील का कोई असर नहीं दिख रहा है और लोग बिना किसी भय के घरोंं से बाहर निकलकर पंचायतें जोड़ रहे हैं। कफ्र्यू के दौरान शहर में मेडीकल और डेयरी को सुबह 8 बजे से 11 बजे तक खोलने की छूट दी गई थी। जहां लोग दवाईयां खरीदने पहुंचे जिन्हें उनके बीच की दूरी बनाए रखने के लिए पुलिस व्यवस्था करती देखी गई।

पिछले 22 मार्च से ही पुलिस अपनी ड्यूटी में लगी हुई है और पुलिसकर्मियों को तय समय में अपनी ड्यूटी पर पहुंचने का निर्देश एसपी राजेश सिंह चंदेल ने दिए हैं। कल कफ्र्यू की घोषणा होने के बाद पुलिसकर्मी अपनी शिफ्टों के अनुसार ड्यूटी पर पहुंच रहे हैं। नाईट ड्यूटी करने के बाद आज सुबह उनके स्थान पर दूसरे पुलिसकर्मी पहुंचे। जिन्होंने शहर की व्यवस्था को संभाला।

कफ्र्यू के चलते हर वार्ड में डेयरी और दूधियों की सहायता से दूध की सप्लाई पुलिसकर्मियों की देखरेख में कराई गई। वहीं मेडीकलों पर भी पुलिसकर्मी तैनात रहे, जो लोगों को सामाजिक दूरी का महत्व बता रहे थे। पुलिस ने मेडीकलों के आगे लोगों को 6-6 फिट की दूरी पर लाइन लगाने के निर्देश दिए और उसके  बाद मेडीकलों से दवाईयंा उन्हें उपलब्ध हो सकीं। इस दौरान बाजारों में पुलिस का आक्रोश भी देखा गया। जो व्यक्ति कफ्र्यू का उल्लंघन करते हुए बिना किसी कारण बाजारों में घूम रहे थे। उन पर पुलिसिया कहर टूटा और जमकर डंडें बरसाए गए। जिसका असर यह हुआ कि जो लोग घरों से निकलकर तमाशबीन बनकर शहर में निकले थे। वह फिर दूसरी बार घर के बाहर भी नहीं दिखे।

पुलिस को मोहल्लों में सजने वाली पंचायतों पर भी लगानी चाहिए रोक


कफ्र्यू लगाने का उद्देश्य प्रशासनिक दृष्टि से यह था कि लोग घरों में कैद रहकर अपने और दूसरों के जीवन को सुरक्षित रखें। लेकिन शहर की जनता इस गंभीरता को नहीं समझ रही है। कफ्र्यू शहर में लगा होने के कारण लोगों का बाजारों में आना तो बंद हो गया। लेकिन वह घरों से निकलकर मोहल्लों में चौपाल जमाकर बैठना शुरू हो गए हैं और वहां भी इतनी लापरवाही बरती जा रही है कि न तो वह मास्क का उपयोग कर रहे हैं और न ही सोशल डिस्टेंस का। इसलिए प्रशासन और पुलिस को मोहल्लों में सजनी वाली इन पंचायतों को सख्ती से पेश आकर उन्हें हटाने के प्रयास करने चाहिए।


कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों का वीडियों बनाकर लोग कलेक्टर से करें शिकायत

बंद का फायदा उठाने के लिए कुछ दुकानदारों ने अपना जमीर तक बेच दिया है और संकट की इस घड़ी में वह अपनी दुकानों पर तयशुदा रेट से अधिक रेट में राशन, सब्जी व अन्य सामान की बिक्री कर रहे हैं। ऐसे लोग मानवता को शर्मसार करने में लगे हुए हैं। जिन पर कार्रवाई शासन और प्रशासन को करनी चाहिए। 

इसलिए ऐसे दुकानदारों को बेपर्दा करने के लिए शहर के लोग अपना सहयोग दें और जो भी दुकानदार अधिक मूल्य में सामान उन्हें देता है तो उसकी वीडिया बनाएं और फोटो खींचे और उन फोटों को सोशल साईट्स पर वायरल करें। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों और मीडियाकर्मियों को भी उपलब्ध कराएं। जिससे ऐसे लोगों पर लगाम कसी जा सके।