कलेक्टर ने सांसद यादव के पत्र को कचरे में फैंका, पत्र सार्वजनिक होने के बाद भी जारी नही हुआ आदेश | Shivpuri News

शिवपुरी। इन दिनों सोशल मीडिया पर शिवपुरी कलेक्टर की कार्यप्रणाली चर्चा का विषय बनी हुई है। शिवपुरी कलेक्टर अनु्ग्रह पी आज उस समय और भी ज्यादा चर्चा में आ गई जब उन्होंने सांसद केपी यादव के पत्र को ही खास तब्बजों नहीं दिया। यह कोई पर्शनल काम का पत्र नहीं था। अपितु शहर की जनता की आबाज पर जारी इस पत्र को ही कलेक्टर ने तब्बजों नहीं दिया। या फिर यू कहे कि इस पत्र को कलेक्टर ने कचरे में फैंक दिया।

जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय सांसद के आदेश को कलेक्टर ने दिखाया ठेंगा दिखाते हुए पूरा दिन निकालने के बाद भी मीट मार्केट की दुकान खोलने का आदेश रद्द नहीं हुआ। इस संवंध में क्षेत्रीय सांसद ने कलेक्टर को पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने लिखा था किे शिवपुरी में मीट मुर्गे की दुकान बंद की जाए। और साथ ही कहा था कि इसका तुरंत आदेश निकाल मुझे सूचित करे।

यहां बता दे कि शिवपुरी गुना संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉक्टर के पी यादव के एक फरमान को कलेक्टर शिवपुरी ने ठेंगा दिखा दिया है जनहित की सोशल मीडिया पर उठी मांग को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय सांसद के पी यादव ने कलेक्टर शिवपुरी को पत्र लिखकर कहा था कि शिवपुरी में मीट मुर्गा की दुकान खोलने का जो आदेश आपके द्वारा निकाला गया है इसे जनहित को ध्यान में रखते हुए तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए और निरस्त करने के उपरांत इस बात की सूचना मुझे दी जाए।

लेकिन पूरा दिन निकलने के बाद भी सांसद के इस पत्र को शिवपुरी कलेक्टर ने शायद कचरे में फैंक दिया। इससे ऐसा लगता है कि अब भविष्य में शिवपुरी सांसद के पी यादव के आदेशों को तवज्जो मिलने की संभावना कम ही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में आने के बाद अब के पी यादव नाम मात्र के ही सांसद रहेंगे उनको तवज्जो कलेक्टर तो दूर कोई अदना अधिकारी भी नहीं देगा।

इन चर्चाओं को बल इस लिए भी मिल रहा है क्योकि 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कलेक्टर महोदय ने इन मीट की दुकानों को बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं किया। अब देखना यह है कि इस खबर के बाद भी कलेक्टर आदेश जारी करती है या नहीं।