शिवपुरी। कांग्रेस से भाजपा में गए वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के पाला बदलने से कांग्रेस में भगदड़ का वातावरण उत्पन्न हो गया है। जिले में कांग्रेस के अधिकांश पदाधिकारी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी का दामन छोड़ दिया है और अपनी निष्ठा सिंधिया के प्रति व्यक्त की है।
कांग्रेस के सभी सहयोगी संगठनों के पदाधिकारी कांग्रेस छोडक़र सिंधिया में अपनी आस्था व्यक्त कर चुके हैं। लेकिन कुछ गिने चुने पार्टी नेता अभी भी कांग्रेस में हैं। हालांकि पिछोर विधायक केपी सिंह अभी भी कांग्रेस में जमे हुए हैं। केपी सिंह, दिग्विजय सिंह समर्थक माने जाते हैं।
6 बार के विधायक होने के बाद भी उन्हें प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया था। लेकिन उनकी कांगे्रस निष्ठा में कोई फर्क नहीं आया। पोहरी के पूर्व विधायक हरीवल्लभ शुक्ला, जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा, नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामकुमार यादव ने सिंधिया के साथ न जाने का निर्णय लेकर कांग्रेस में बने रहने का फैसला किया है।
कांग्रेस के सभी सहयोगी संगठनों के पदाधिकारी कांग्रेस छोडक़र सिंधिया में अपनी आस्था व्यक्त कर चुके हैं। लेकिन कुछ गिने चुने पार्टी नेता अभी भी कांग्रेस में हैं। हालांकि पिछोर विधायक केपी सिंह अभी भी कांग्रेस में जमे हुए हैं। केपी सिंह, दिग्विजय सिंह समर्थक माने जाते हैं।
6 बार के विधायक होने के बाद भी उन्हें प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया था। लेकिन उनकी कांगे्रस निष्ठा में कोई फर्क नहीं आया। पोहरी के पूर्व विधायक हरीवल्लभ शुक्ला, जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा, नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामकुमार यादव ने सिंधिया के साथ न जाने का निर्णय लेकर कांग्रेस में बने रहने का फैसला किया है।
