शिवपुरी।शिवपुरी की सुप्रसिद्ध नालंदा अकादमी में एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसके मुख्य अथिति शिवपुरी अति.पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कंवर थे और उनके साथ महिला थाना प्रभारी दीप्ति तोमर व यातायात सूबेदार नीतू अवस्थी शामिल थी।कर्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संचालक अक्षत बंसल द्वारा की गयी ।
कर्यक्रम की शुरुआत यातयात सूबेदार नीतू अवस्थी द्वारा की गयी जिन्होंने बच्चो को यातयात के नियम बताये और ये भी कहा कि हेलमेट सभी को लगाना चाहिए क्यूंकि हेलमेट पहनोगे तो उससे बहुत सारे फायदे है।उससे हमारे सर का बचाव हो जाता है और आप बिना हेलमेट वाली चालानी कार्यवाही से भी बच जाते हो,और आप लोग तीन सवारी बैठा कर वाहन न चालये बुलेट चलते है तो फटाके ना फोड़े उसका साइलेंसर काम आवाज वाला रखे।
इनके बाद प्रोग्राम को आगे बढ़ाते हुए महिला थाना प्रभारी दीप्ति तोमर ने बच्चो को सम्बोधित किया उनसे बातें कि उनको बताया कि जब वो पढ़ाई करती थी तब वो सिर्फ टीआई और डीएसपी कि पोस्ट ही जानती थी मेरा सपना था कि मैं डीएसपी बनूंगी। मैंने भी स्काउट में राष्ट्रपति अवार्ड लिया है।
आज हम लोग 21वी सदी में रह रहे है फिर भी हम लोगो में भेदभाव है कि ये लड़का है तो ये लड़की है।अगर एक जगह पर 5 लड़के खड़े और तो एक अकेली लड़की वहां से निकलने में डरती है।लड़की होना भी एक संघर्ष है।अपना एक लक्ष्य बनाओ हमारे पास मातृशक्ति है,हम भी किसी से कम नहीं है।
लड़किया जन्म लेती है तो माँ बाप दुखी क्यों होते है.?
इसका जवाब है कि लड़कियां उनके कहे कदमो पर नहीं चलती कह का कोचिंग कि जाती है और घूमने चली जाती है।आप उनके दुःख कि वजह नहीं बनो उनको खुश होने कि आप पर गर्व होने कि वजह बनो।खुद को कमजोर बनाने कि जरूरत नहीं है मजबूत बनाओ।
आप लड़की हो इस बात का गर्व और एहसास अपने माँ बाप को दिलाओ। अंत में उन्होंने लड़को से बात कि उनको भी समझाया और कहा कि आप लोग लड़कियों कि मदद करो उनको ऐसा महसूस न होने दो कि वो आपसे डरे।पुलिस पर भरोसा करो वो आपको मदद जरूर करेगी। अंत में बेटी कि पेटी और डायल 100 की भी जानकारी दी।
इनके बाद फिर शिवपुरी अति.पुलिस अधीक्षक बच्चो से रूबरू हुए उनसे बात की उनको बताया कि उन्होंने इंजीनियर कि पढ़ाई की उसके बाद उन्होंने पीएससी फाइट की प्री और मेन्स निकलने के 20 दिन बाद उन्होंने इंटरव्यू दिया और सिलेक्शन हो गया।उन्होंने ये भी बताया की गाइडो से ज्यादा आप पुस्तक से पड़ा करो तभी सफलता मिलेगी,लूसेंट या अन्य की जगह अपनी पुस्तक पर ध्यान दो,मेरे यहाँ से जाने के बाद आप कोई एक पुस्तक जरूर पढ़ना जिससे फिर कभी मुलाकात होगी तो मैं उसमे से आपसे पूछूंगा।
मैंने कहानियां पढ़ी है और वो भी पंचतंत्र,अकबर वीरबल,तेनाली रमन जैसी कहानियां पढ़ी,इनकी गहराईयों में जाओगे तो आपको पता चलेगा की प्रशासन भी ऐसे ही चलता है।अपनी रूचि ऐसी बनाओ कि कोई आपसे उस बारे में कुछ पूछे तो उनको हाल ही जवाब दे सको।मेरी रूचि थी अखबार में आने वाला सुदुको को हल करना।
आप लोग पड़ने के लिए वही सब्जेक्ट चुनो जिसमे आपकी पकड़ अच्छी हो और उसे आसानी से पढ़ सको जिससे आपसे जो सवाल पूछे तो आपको उसका जवाब तुरंत दे सको। अंत में संस्था के संचालक अक्षत बंसल द्वारा आभार व्यक्त किया गया और साथ ही ये भी कहा कि सेमिनार रखने का मुख्य उद्देश्य होता है एक दूसरे से रूबरू होना।और अपनी समस्या का हल निकलना।
इस सेमिनार में अति पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कंवर,महिला थाना प्रभारी दीप्ति तोमर,यातायात सूबेदार नीतू अवस्थी,संस्था संचालक अक्षत बंसल व संस्था के स्टाफ के साथ सेंकडो बच्चे शामिल थे।

