फिर गरजी सरकारी JCB, दो मंजिला मकान जमीदौज,अधिकारियो पर वसूली का आरोप

खनियाधाना। पिछोर विधानसभा के खनियाधाना नगर में सड़क चौड़ीकरण के लिए नापजोख कर पिछले महीने अतिक्रमण हटा दिए थे। अब उन्हीं जगहों पर फिर से नापजोख की गई और मंगलवार व बुधवार को अतिक्रमण हटाने के नाम पर मकान ही ढहा दिए हैं। जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं।

एक वृद्ध व्यक्ति ने पांच प्रशासनिक अधिकारियों पर ही पांच लाख की रिश्वत लेने के आरोप लगाए हैँ। साथ ही आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने रिश्वत दे दी, उनके मकान बख्श दिए हैं।

जानकारी के अनुसार पिछोर एसडीएम उदयसिंह सिकरवार ने खनियाधाना नगर में तहसीलदार दीपक शुक्ला, सीएमओ सहित पीडब्ल्यूडी के एसडीओ आदि के साथ जाकर रेंज चौराहे से गूडर रोड की ओर एक सैंकड़ा से अधिक मकान मंगलवार और बुधवार को हटा दिए हैं। सड़क चौड़ीकरण से हजारों लोगों को फायदा होगा। लेकिन अतिक्रमण हटाने के नाम पर लोगों ने अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाया है।

चंपालाल जैन का कहना है कि पिछले महीने नापजोख में जो हिस्सा अतिक्रमण में आ रहा था, हमने खुद हटाया था। लेकिन फिर से अतिक्रमण का नोटिस थमा दिया। जब बातचीत की तो बताया कि हम पांच अधिकारियों को एक-एक लाख रुपए चाहिए। यदि रुपए नहीं दिए तो आपका मकान तोड़ देंगे।

चंपालाल के बेटे नवीन जैन ने बताया कि वह खुद एसडीएम, तहसीलदार और एसडीओ के पास कुछ दिन की मोहलत मांगने गया था। लेकिन उन्होंने शाम 4 बजे तक वक्त दिया और तय समय पर आकर मकान तोड़ दिया। मकान में रखी 3-4 लाख रुपए की सोने की रकम भी गायब है।

जैन का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने आंखों के सामने कई प्रभावशाली लोगो के मकान छोड़ दिए हैं। जबकि 2 से 3 मीटर अंदर के मकानों को तोड़ दिया है। भेदभाव को लेकर लोगों का कहना है कि स्थानीय विधायक भी उनके साथ हो रहे अन्याय को रोकने नहीं आ रहा है। प्रशासनिक अधिकारी अंग्रेजों की तरह हुकुम कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि खनियाधाना में प्रजातंत्र नहीं बचा।


आरोप लगते रहते हैं
 सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने गए थे। रोड के दोनों तरफ चिन्हित अतिक्रमणों को हटा दिया है। लोग रुपए मांगने का झूठा आरोप लगा रहे हैं। कार्रवाई में इस तरह के आरोप अक्सर लगते ही रहते हैं। हम अपना काम कर रहे हैं। अतिक्रमण हटने के साथ नालियां बनने का काम भी शुरू हो गया है। उदयसिंह सिकरवार, एसडीएम पिछोर