CMO ने दी गलत फरियादी का गलत जानकारी,राज्य सूचना आयोग ने दिया नोटिस | Shivpuri News

शिवपुरी। शहर में आज भी सफाईकर्मियों द्वारा हाथ से मैला उठाया जा रहा है। यह एक अमानवीय कार्य है एवं संविधानिक मूल्यों के खिलाफ है। अधिवक्ता अभय जैन द्वारा दिनांक 20-02-2018 को आरटीआई आवेदन लगाकर हाथ से मैला उठाने वाले सफाईकर्मियों का प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम 2013 के अन्तर्गत नगर पालिका शिवपुरी द्वारा अस्वच्छ शौचालय एवं हाथ से मैला उठाने वाले सफाईकर्मियों के पुनर्वास से सम्बन्धित जानकारी मांगी गई थी।

नगर पालिका शिवपुरी द्वारा कोई जानकारी नहीं देने पर आवेदक द्वारा दिनांक 13-08-2018 को प्रथम अपील संयुक्त संचालक (नगरीय प्रशासन, मोती महल) के समक्ष प्रस्तुत की जिसका भी कोई उत्तर नहीं आया। अंततः आवेदक द्वारा केंद्रीय सूचना आयोग को शिकायत की गई जहां से प्रकरण बनाकर मप्र राज्य सूचना आयोग को हस्तांतरित किया गया।

नगर पालिका शिवपुरी द्वारा दिनांक 07-11-2019 को एक तीन पृष्ट की सफाईकर्मी की सूची आवेदक को दी गई और यही सूची आयोग में पेश की गई। आवेदक द्वारा सुनवाई दिनांक 27-01-2020 को आयोग में बताया गया कि नगर पालिका द्वारा गलत जानकारी दी गई है एवं आयोग को भी भ्रमित किया जा रहा है।

आयोग ने गलत जानकारी देने के लिए केके पटेरिया(CMO) को सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 20(1) के तहत दंडात्मक कार्यवाही किए जाने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग द्वारा CMO को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने को निर्देशित किया है ।

नगर पालिका शिवपुरी के बहुत सारे प्रकरण मप्र राज्य सूचना आयोग में चल रहे हैं एवं नगर पालिका शिवपुरी द्वारा जानकारी नहीं दी है एवं कारण बताओ नोटिस का उत्तर नियात सुनवाई में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत न करने की स्थिति में प्रकरण में अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिसमें  प्रकरण में आगामी सुनवाई दिनांक 13.04.2020 नियत की है।