यह 4 तस्वीर: कोरोना से इस युद्ध में ग्रेट इंडिया, न्यू इंडिया, पढे लिखे गंवार और लाचार इंडिया को प्रर्दर्शित करती हैं | khula khat

खुला खत @ ललित मुदगल / शिवपुरी। कोरोना से जंग के लिए देश के पीएम नरेन्द्र मोदी ने भारत के हर आदमी को अब हथियार दिया हैं इस हथियार से वह अपने आप को अपने परिवार को अपने समाज को अपने शहर को और अपने देश को बचा सके। इस हथियार का नाम हैं लॉकडाउन। हर पर ही बैठकर कोरोना से युद्ध किजिए।

शिवपुरी भी कोरोना से युद्ध मोड पर हैं,इस मेडिकल कफ्यू में शिवपुरी शहर से 4 तरह की तस्वीर आ रही हैं। 1 तस्वीर वह हैं जो मोदी जी के हथियार लॉकडाउन को लेकर बिल्कुल सजग हैं इसे ग्रेट इंडिया कह सकते हैं ,दुसरी तस्वीर जनता की सजगता को प्रकट कर रही हैं,मजबूरी बस घर से बहार निकलना हो तो सोशल डिस्टेंस को कैसे मेंटेन कर कोरोना से जंग करनी हैं। इस तस्वीर को न्यू इंडिया कह सकते हैं।

तीसरी तस्वीर दिल को तोडने वाली और दिल को झकझोर करनी वाली है। इस तस्वीर से पढी लीखी इंडिया गवार इंडिया के लोग के रूप में परिभाषित हो रही हैं। चौथी तस्वीर वह है जो इस बंद में परेशान कर रही है। तस्वीर एक हैं लेकिन ऐसे कई घर हो सकते हैं। इनकी मदद कैसे होगी। हम सभी तरह की तस्वीरो पर चर्चा करेंगें। चौथी तस्वीर एक लाचार इंडिया को प्रर्दर्शित करती हैं।  

पहली तस्वीर कोरोना से लडने के लिए समर्पित शहर के योद्धाओ की ग्रेट इंडिया


यह तस्वीर हैं,अहीर शेखर यादव की,शहर के देहात थाना क्षेत्र में स्थित फोरेस्ट कॉलोनी की। इन्होने कोरोना से लडने के लिए युद्ध की तैयारी करते हुए अपने घर पर लिखित में चिपका दिया हैंं 21 दिन के लॉकडाउन का पूरा समर्थन करते हैं। मिलने वाले केवल डिजीटल मिले अर्थात फोन पर।

ग्रेट इंडिया मे एक ओर तस्वीर शहर के एडवोकेट राजीव शर्मा की। राजीव शर्मा ने अपने आप को घर में बंद करते हुए लिखा हैं  तुलसी दास जी कहते हैं कि जिस स्थान पर लोग आपके जाने से प्रसन्न न होवें और जहाँ लोगो कि आँखों में आपके लिए प्रेम अथवा स्नेह ना हो ऐसे स्थान पर भले ही धन की कितनी भी वर्षा ही क्यूँ ना हो रही हो आपको वहां नहीं जाना चाहिए

आपकी तथा समाज और राष्ट्र की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए कोई भी कहीं ना जाए और ना ही अपने यहां कोई आए। आपकी तथा समाज और राष्ट्र की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए कोई भी कहीं ना जाए और ना ही अपने यहां कोई आए"सोशल डिस्टेंस" ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है

ग्रेट इंडिया तस्वीर में प्रेमशंकर शर्मा के घर का हैं इन्होने भारत के पीएम साहब के एक—एक शब्द का अक्षरस:पालन कर अपने घर के आगे लक्ष्मण रेखा खीच दी हैं अपने संदेश में लिखा हैं कि श्रीराम जी के समय,कुटिया में सीताजी की सुरक्षा के लिये,एक रेखा लक्ष्मण जी ने,लक्ष्मण रेखा खींची।

सीताजी द्वारा रेखा का उल्लंघन का परिणाम सब जानते हैं। अतः अपने परिवार की सुरक्षा के लिये भी एक लक्ष्मण रेखा खींचकर,सभी उसके भीतर ही रहिये।इस रेखा को लांघना नहीं है।ऐसे कई घर हैं शिवपुरी शहर में उन्होने अपने घर के बहार शोसल डिस्टेंस के पोस्टर लगा रखे हैं। यह तस्वीर ग्रेट इंडिया की तस्वीर हैं।

ग्रेटइंडिया के बाद शहर की सडको से आई न्यूइंडिया की तस्वीर  


यह तस्वीर शहर की सडको से आ रही हैं,जिन्होने बाजार में आवश्यक समान खरीदते समय कोरोना वायरस से युद्ध करने के लिए शोसल डिस्टेंस रूपी हथियार का उपयोग किया हैं। इसमें मेडिकल स्टोर के संचाल और नगर पालिका की अहम भूमिका हैं। उसने शोसल डिस्टेंस का मानचित्र सडक पर उकेरा हैं।

हमे इस फोटो से सबक लेते हुए यह शपथ लेनी हैं कि हमे भी आवश्यक वस्तुए खरीदते समय शोसल डिस्टेंस को मेनटेन करना हैं। यह कोरोना से युद्ध करता हुआ शोसल डिस्टेंस मेंटेन रूपी हथियार का प्रयोग करता न्यू इंडिया की तस्वीर हैंं।

यह तस्वीर वह पढे लिखे गंवार लोगो की इंडिया को समर्पित करती है


इस फोटो में ज्यादा लिखने की आवश्यकता नही हैं। यह शिवपुरी के एक पेट्रोल पंप की तस्वीर हैं। ऐसे कई नजारे देखने आज मिले। जहां अनावश्यक रूप से लोग घर से निकले और मोहल्ले में तफरी की। गली मोहल्लो की किरानो की दुकानो पर समान खरीदते दिखे जिन्होने शोसल डिस्टेंस नही रखी। जब आवश्यक और जरूरी चीज घर पर ही उपलब्ध हो रही हैं तो घर से बहार क्यो निकले। पेट्रोल के लिए ऐसी भीड पता नही कहां जा रहे हैं।

यह तस्वीर मजबूर और लाचार इंडिया को प्रदर्शित करती हैं। और यह ऐसे समय पर पोस्ट हुई है्ं जब एक—एक घर की राशन की जिम्मेदारी शासन लेने का प्रयास कर रहा हैं। इन घर के हालात आज नही बने हैं। यह तस्वीर कोरोना के कोहराम से पहले की शासकीय कार्यप्रणाली की लचर व्यवस्था को प्रर्दशित करता है।

यह एक लाचार इंडिया की तस्वीर हैं जो शासकीय कार्यप्रणाली को प्रर्दर्शित करती हैंं


यह तस्वीर कलेक्टर शिवपुरी को उनके व्हाटसऐप पर और शहर के सोशल पर पोस्ट की गई। इसमें बडा ही मार्मिक् संदेश हैं। एक रिटायर्ड कर्मचारी  निहाल सिंह वशिष्ठ का कहना हैं सामाजिक न्याय विभाग में कार्यरत था। शासन ने उसे 30 अप्रेल 2016 को रिटायर्ड कर दिया। इसके बाद भी उसे आज तक जीपीओ,पीपीओ का भुगतान नही किया गया हैं।

इस संबंध मेें 4 जनवरी 2020 को उपसचिव सामाजिक न्याय विभाग मप्र शासन बूटा सिंह ने संचालक सामाजिक न्याय विभाग शिवपुरी को एक आदेश जारी किया था कि निहाल सिंह वशिष्ठ की अर्जित अवकाश व उपस्थिति अवधि कुल 8 माह का नियमन कर सेवा निवृति दिनांक 30 अप्रैल 2016 को अवकाश की जानकारी निहाल सिंह को देकर अवकाश नगदीकरण सहित समस्त सेवानिृति परिलाभों का भुगतान एक माह के अंदर कराया जाए तथा जीपीओ पीपीओ उपलब्ध कराए जाए। इस ओदश के क्रम में आज तक भुगतान नही किए गए हैं।

रिटायर्ड कर्मचारी का कहना हैं वह कर्ज में डूबा हैं,जिन दुकानों से उधार मिलता था। वह उन्होने भी बंद कर दिया। अब ऐसे में परिवार का पेट कैसे भरे। यह मार्मिक पोस्ट शिवपुरी के सोशल पर वायरल हो रहा हैं। ऐसे में कलेक्टर शिवपुरी को आगे आना चाहिए और तत्काल इनके मामले का निराकरण कराना चाहिए, जब ही इस परिवार का इस कठिन परिस्थती में इस परिवार का भरण पोषण हो सके।

यह तो एक कर्मचारी की तस्वीर हैंं ऐसे कई दिहाडी मजदूर या रोजमर्रा कमाने वाले लोगो की यह कहानी हो सकती हैं कि उन पर आटा खरीदने के लिए भी पैसे नही है। शासन घोषणाए तो कर रहा हैं लेकिन उन घोषणाओ को अमल में लाना और क्रियान्वयन करना एक कलेक्टर का काम है।

कुल मिलाकर इन चारो तस्वीरो ने 4 तरह के भावो को प्रकट किया हैं। शहरवासी कोरोना से युद्ध मोड पर हैं। यह युद्ध घर बैठे ही लडा जा सकता हैं। 3 तस्वीरो मे से आपको चुनना हैं कि आप अपने देश को कौनसी इंडिया बनना चाहते हैं और चौथी और अंतिम तस्वीर में शासन से निवेदन हैं कि ऐसे कर्मचारी या ऐसे लोग जिनको इस समय जीवन जीने में परेशानी आ रही हैं उनकी मदद करे। यह उनकी सच्ची देश सेवा होगी।