युद्ध मोड पर आना होगा किलर कोरोना से लडने के लिए,100% देशभक्ति का समय हैं | Shivpuri News

ललित मुदगल /शिवपुरी। चीन के वुहान से चला कोरोना ने विश्व के लगभग 150 देशो में मानव स्वास्थय के लिए संकट बन गया हैं। भारत में भी कोरोना पहुच चुका हैं अपने शहर में भी एक मरीज कोरोना पॉजिटिव निकला हैं। कोरोना वायरस की चैन को तोडने के लिए देश के प्रधानमंत्री ने 21 दिन के लिए पूरे देश मे कफ्यू की घोषणा कर दी।

आज नेशनल चैनलो पर न्यूज चल रही थी कि विश्व स्वास्थय संगठन कोरोना से लडने के लिए भारत को देख रहा हैं,जैसा आप सभी को पता हैं कि कोरोना की अभी कोई वैक्सीन नही बनी हैं। कोरोना ने जो इटली,ईरान,अमेरिका,चीन में किया हैं वह अपने देश में ना हो। इस लिए हर भारतीय को किलर कोरोना से एक सैनिक जैसे लडना होगा।

यह बात सभी को ज्ञात हैं कि कोरोना से बचने के लिए घरो में ही रहना सबसे सुरक्षित  हैं,देश के पीएम,राज्यो के सीएम जिले के कलेक्टर,एसपी सहित तमाम लोग घरो में रहने के लिए अपील कर रहे हैं। लेकिन आमजन कोरोना की स्टेज 3 की भंयानकता को नही समझ रहें।

देखा जा रहा हैं कि आम जम बाजार तो नही जा रहे हैं लेकिन अपने मोहल्ले,कॉलोनी और बिल्डिगो में मजमा लगा रहे हैं। कोरोना से लडने का सबसे बडा हथियार हैं सबसे पहले अपने आप को सुरक्षित करना। अपने आप को क्लारोटाईन करना,सोशल दूरी बनाकर रखना।

पहले यह यह पढिए कि कोरोना की स्टेज क्या होती हैं।

स्टेज 1
मान लिजिए की दिनेश विदेश से आया हैं। एयरपोर्ट पर उसको बुखार नहीं था। उसको घर जाने दिया गया। पर उससे एयरपोर्ट पर एक शपथ पत्र भरवाया गया कि वह 14 दिन तक अपने घर में कैद रहेगा। और बुखार आदि आने पर इस नम्बर पर सम्पर्क करेगा। दिनेश सतर्क था अपने व अपने परिवार और देश के लिए घर जाकर उसने शपथ पत्र की शर्तों का पालन किया।वह घर में कैद रहा। यहां तक कि उसने घर के सदस्यों से भी दूरी बनाए रखी।

6-7वें दिन दिनेश को बुखार सर्दी खांसी जैसे लक्षण आने लगे। दिनेश ने हेल्पलाइन पर फोन लगाया। कोरोना टेस्ट किया गया। वह पॉजिटिव निकला।उसके घर वालों का भी टेस्ट किया गया। वह सभी नेगेटिव निकले। पडोस की 1 किमी की परिधि में सबसे पूछताछ की गई। किसी ने किसी को भी घर से बहार निकलते नही देखा। पूरा पडौस चैक किया गया। सभी सुरक्षित थे। दिनेश भी जवान था कोरोना के लक्षण बहुत मामूली थे। वह भी ठीक हो गया।

स्टेज 2-  राजू में कोरोना पॉजिटिव निकला
उससे उसकी पिछले दिनों की सारी जानकारी पूछी गई। उस जानकारी से पता चला कि वह विदेश नहीं गया था। पर वह एक ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है। वह परसों गहने खरीदने के लिए एक ज्वेलर्स पर गया था। वहां के सेठजी हाल ही में विदेश घूमकर लौटे थे।

सेठजी विदेश से घूमकर आये थे। उनको एयरपोर्ट पर बुखार नहीं था। इसी कारण उनको घर जाने दिया गया। पर उनसे शपथ पत्र भरवा लिया गया, कि वह अगले 14 दिन एकदम अकेले रहेंगे और घर से बाहर नहीं निकलेंगे। घर वालों से भी दूर रहेंगे।
विदेश से आये इस सेठ  ने एयरपोर्ट पर भरे गए उस शपथ पत्र की धज्जियां उड़ाईं।
घर में वह सबसे मिला।

सेठजी ने अपनी दुकान खोली और और गहने बेचे,6वें दिन ज्वेलर को बुखार आया। उसके घर वालों को भी बुखार आया। सबकी जांच हुई। जांच में सब पॉजिटिव निकले।

यानि विदेश से आया आदमी खुद पॉजिटिव। फिर उसने घर वालों को भी पॉजिटिव कर दिया।

इसके अलावा वह दुकान में 450 लोगों के सम्पर्क में आया। जैसे नौकर चाकर, ग्राहक आदि।उनमें से एक ग्राहक राजू था। सब 450 लोगों का चेकअप हो रहा है। अगर उनमें किसी में पॉजिटिव आया तो भी यह सेकंड स्टेज है। डर यह है कि इन 450 में से हर आदमी न जाने कहाँ कहाँ गया होगा।

कुल मिलाकर स्टेज 2 यानी कि जिस आदमी में कोरोना पोजिटिव आया है, वह विदेश नहीं गया था। पर वह एक ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है।


*स्टेज 3*इस स्टेज को रोकने के लिए देश में कफ्यू लगाया गया हैं
मनोज को सर्दी खांसी बुखार की वजह से अस्पताल में भर्ती किया, वहां उसका कोरोना पॉजिटिव आया।पर मनोज न तो कभी विदेश गया था। न ही वह किसी ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है। यानि हमें अब वह स्रोत नहीं पता कि मनोज को कोरोना आखिर लगा कहाँ से??

स्टेज 1 में आदमी खुद विदेश से आया था।
स्टेज 2 में पता था कि स्रोत सेठजी हैं। हमने सेठजी और उनके सम्पर्क में आये हर आदमी का टेस्ट किया और उनको 14 दिन के लिए अलग थलग कर दिया।
स्टेज 3 में आपको स्रोत ही नहीं पता।
स्टेज 3 बनेगी कैसे?*

सेठजी जिन 450 लोगों के सम्पर्क में आये। जैसे ही सेठजी के पॉजिटिव होने की खबर फैली, तो उनके सभी ग्राहक,नौकर नौकरानी, घर के पड़ोसी, दुकान के पड़ोसी, दूध वाला, बर्तन वाली, चाय वाला....सब अस्पताल को दौड़े। सब लोग कुल मिलाकर 440 थे। 10 लोग अभी भी नहीं मिले।
पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम उनको ढूंढ रही है। उन 10 में से अगर कोई किसी मंदिर आदि में घुस गया तब तो यह वायरस खूब फैलेगा। यही स्टेज 3 है जहां आपको स्रोत नहीं पता।

स्टेज 3 का उपाय केवल लॉकडाउन ही हो सकता हैं।
हर आदमी घर में बंद है।
जो आदमी किसी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में नहीं आया है तो वह सुरक्षित है।
जो अज्ञात स्रोत है, वह भी अपने घर में बंद है। जब वह बीमार पड़ेगा, तो वह अस्पताल में पहुंचेगा। और हमें पता चल जाएगा कि अज्ञात स्रोत यही है।

हो सकता है कि इस अज्ञात श्रोत ने अपने घर के 4 लोग और संक्रमित कर दिए हैं, पर बाकी का पूरा शहर बच गया। अगर LOCKDOWN न होता। तो वह स्रोत पकड़ में नहीं आता है और वह ऐसे हजारों लोगों में कोरोना फैला देता। फिर यह हजार अज्ञात लोग लाखों में इसको फैला देते। इसीलिए lockdown से पूरा शहर बच गया और अज्ञात स्रोत पकड़ में आ गया।

अगर ऐसा कुछ होता तो फिर समझे कहानी से
उदाहरण के लिए,सेठजी एयरपोर्ट से निकले,उनने धज्जियां उड़ाईं।,घर भर को कोरोना दे दिया।सुबह उठकर दुकान खोलने गए।पर चूंकि तालाबंदी है।,तो पुलिस वाले सेठजी की तरफ डंडा लेकर दौड़े।,डंडा देख सेठजी शटर लटकाकर भागे।

अब चूंकि मार्किट बन्द है,तो 450 ग्राहक भी नहीं आये।,सभी बच गए।,राजू भी बच गया।,बस सेठजी के परिवार को कोरोना हुआ,6वें 7वें दिन तक कोरोना के लक्षण आ जाते हैं। विदेश से लौटे लोगों में लक्षण आ जाये तो उनको अस्पताल पहुंचा दिया जायेगा। और नहीं आये तो इसका मतलब वो कोरोना नेगेटिव हैं।

कुल मिलाकर कहने का सीधा सा अर्थ है कि हमे हमारे देश में कोरोना की स्टेज 3 की चैन को रोकना हैंं। हम घर पर ही रहकर कोरोना से युद्ध करेंगें,आज हिन्दु नववर्ष है शक्ति की स्वरूप देवी घरो में विराजित हो चुकी हैं। आज प्रण किजिए कि किसी भी किमत पर हमरा कदम घर से बहार नही होगा। अगर कोई विशेष कारण है तो सोशल कम से कम 3 फुट की दूरी रखेंगें।

यह बात सबको समझाऐंगें। किलर कोरोना से लडने के लिए एक सैनिक की भूमिका में रहेंगं। आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा हैं अगर हम कोरोना की इस चैन को तोडने में सफल होते हैं तो हम फिर विश्वगुरू के रूप में पहचाने जाएंगें। हमे अपने देश को विश्वगुरू का दर्जा दिलाने के लिए एक सैनिक जैसे अनुशासन में रहना हैं। शिकायत मत किजिए कि यह कैसे होगा यह कैसे मिलेगा। बस एक लक्ष्य कि किलर कोरोना को हरना हैं। आज समय हैं अपने देश अपने परिवार अपने समाज के लिए कुछ करने का। इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे। इस खबर की चर्चा फोन पर करे।