शिवपुरी में प्रशासन ने माफिया को माफ किया, गरीबों के टपरे तोड़ डाले | Shivpuri News

गिर्राज शर्मा/शिवपुरी। पूरे प्रदेश में इन दिनों कमलनाथ सरकार की एन्टी माफिया मुहिम चल रही है। जिसके चलते हालात यह है कि पूरे प्रदेश में भूमाफियाओं पर प्रशासन कार्यवाही कर रहा है। इसी के चलते शिवपुरी में भी प्रशासन ने भूमाफिया चिन्हित तो कर लिए परंतु हालात यह है कि इन भू माफियाओं पर प्रशासन कार्यवाही न करते हुए गरीबों के घर उजाड रहा है।

जिसके चलते हालात यह है कि कडकडाती ठंड में बेघर हुए गरीब सडक किनारे जीबन यापन करने मजबूर है। दूसरी और जिले में हालात यह है कि भू माफिया शासकीय हजारों बीघा जमींन पर कब्जा किए हुए है। परंतु यह प्रशासन को दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसा ही एक मामला जिला मुख्यालय से सटे ग्राम रायचंद खेडी का है। जहां लगभग 800 बीघा के शासकीय तालाब पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है।

ऐसा नहीं है कि इस मामले की सूचना प्रशासन को नहीं है। अपितु इन दबंगों के आगे प्रशासन भी नतमस्तक है। जिसके चलते यहां कार्यवाही नहीं हो पा रही हैं। इस मामले की शिकायत कई बार ग्रामीण कर चुके है। परंतु दबंग शिकायतकर्ताओं को ही धमकाना प्रारंभ कर देते है। प्रशासन की नाकामी इस हद तक है कि प्रशासन की इस हीलाहबाली के चलते अब भू माफियाओं के हौसले बुलंद है।

बताया गया है कि उक्त भूमाफिया ग्राम पंचायत रायचंदखेरी के सरपंच अखैराज रावत जिसका इस तालाब में लगभग 300 बीघा पर कब्जा है। जिसमे वर्तमान में चने की फसल खडी हुई है। इसके साथ ही मानसिंह रावत का 25 बीघा, लालाराम रावत का 25 बीघा, पप्पू ठाकुर 40 वीघा, सत्यभान सिंह तोमर 250 बीघा, अर्जुन सिंह सरदार 50, हरजिंदर सरदार 50 बीघा और कृपाल सरदार 50 बीघा का कब्जा है। इस पूरे तालाब में शासकीय भूमि पर चने की फसल लहरा रही है।

बताया गया है कि उक्त तालाब में बरसात के दिनों में इस तालाब में पानी भर जाता है। लेकिन किसी तरह से सभी कब्जा करने वाले उस तालाब में से पानी कों निकाल कर बड़े आराम से खेती करते हैं। जिससे आसपास के गांव वालोें को पानी की भारी समस्या का सामना करना पड़ता है।

बताया यह भी गया है कि इस हल्के का पटवारी राहुल वर्मा है। जिसका इन भूमाफियाओं से अनैतिक गंठबंधन है। जिसके चलते हालात यह है कि यह भी भूमाफियाओं के इस अनैतिक कब्जे की रिपोर्ट तक जिला प्रशासन को नहीं दे रहे। जिससे इन भू माफियाओं पर कार्यवाही हो सके। अब देखना यह है कि उक्त मामले में प्रशासन क्या कोई कार्यवाही करता है या फिर जैसा चल रहा है वैसा चलते रहने के होड़ में, सब देख कर भी अनदेख कर देगा।