सिर चढ कर बोल रहा है टैंटू का क्रेज,महाकाल का टेंटू हाथ और गर्दन पर गुंदबा रहे है युवा | Shivpuri News

शिवपुरी। मेलों में घनघनाती मशीन से हाथों में गोदे जाने वाला गुदना अब स्टाइलिस्ट टैटू बन गया हैं, कल तक पिछड़ेपन की निशानी माना जाने वाला गुदना, आज युवाओं के लिए भगवान की शिव के रूप में महाकाल के चित्र को गुदना के स्वरूप में हाथों पर बनबाने में युवा बहुत आगे दिखाई दे रहे हैं। वहीं टैटू बनते ही स्टाइल आइकन हो गया हैं, जिसका युवाओं में के्रज हैं। कलाकार भी अब सड़क किनारों से निकलकर एसी दुकानों में काम कर रहे हैं।

शहर के बीचों बीच स्थित कमलागंज में शुभ-लाभ कॉप्लेक्स में  में इन दिनों युवाओं में टैटू को लेकर गजब की दीवानगी है। क्रिकेटर, एक्टर सभी अपने शरीर पर टैटू बनबाए हैं। इन्हीं को देखकर युवा अपने, हाथ, गर्दन, सीने सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों पर इन्हें बनवा रहे हैं। लड़के पोट्रेट टेटू पसंद कर रहे हैं, जबकि लड़कियां फूल, स्टार, एंजेल, बटर फ्लाई बनवा रही हैं। कई लड़के डिजाइनर तरीके से हाथ पर माँ लिखवा रहे हैं। कई युवा मोर का पंख, गणेश जी, शंकर जी के चित्र बनवाते हैं।

इस तरह के टैटू को शरीर से हटाना भी आसान

परमानेंट टैटू को भी आसानी से हटाया जा सकता हैं इसके लिए रिमूवर मशीन और स्किन कलर से मिटाया जाता है। त्वचा के रंग का कलर बेना कर मशीन से टैटू पर लगाया जाता है जिससे त्वचा के रंग में मिल जाता है। इसके बाद आसानी से टेटू खत्म हो जाता हैं।

यह आर्ट रोजगार का बेहतर माध्यम है

टैटू कलाकार अमित चौरसिया ने बताया कि अब यह रोजगार का बेहतर माध्यम बन चुका हैं शिवपुरी में इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है इसे सीखने के लिए तीन माह का कोर्स भी कराया जाता है।