KIDS GARDEN SCHOOL : नौ रसों का अदभुत एतिहासिक एवं आश्चर्यजनक मंचन देख गद गद हुए पालक

शिवपुरी। शहर के सुप्रसिद्व स्कूल किड्स गार्डन स्कूल का वार्षिकोत्सव कल शाम को परमपूज्य ध्यान योगी श्री श्री 1008 श्री उत्तम स्वामी जी के मुख्य आतिथ्य एवं आई.टी.बी.पी. कमाण्डेन्ट एम.ए. वेग के विषेष आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम 'नवरस' हिन्दी भाषा के नौ रसों पर आधारित था जिसमें सभी रसों/श्रृंगार, हास्य, वीभत्स, रौद्र, अदुभुत, शांत, भयानक, भक्ति और करूण का अद्भुत एतिहासिक मंचन किया गया कार्यक्रम के मध्य में योग का प्रदर्शन भी किया गया जिसमें उपस्थित जनसमुदाय आश्चर्य चकित रह गया। वीर रस ने जहां उत्साह एवं जोश भरा वही करूण रस की प्रस्तुति ने लगभग सभी जनों को भावुक कर दिया और अधिकांश व्यक्तियों की आंखें भीग गयीं।

कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती के आव्हान से हुआ। स्वागत गीत एवं गुरूवंदना का प्रदर्षन किया। पहले भाग में प्री-प्रायमरी विंग के नर्सरी के बच्चों ने बेलकम सोंग डांस, के.जी. के छात्रों ने मेरा वाला डांस तथा सीनियर के.जी. के छात्रों ने डिस्को दिवाने पर डांस प्रस्तुत किया। प्रायमरी विंग के छात्रों में से कक्षा 1 के बच्चों ने पढ़ाई और खेल की महत्ता को समझाया तो कक्षा 2 के बच्चों ने मलहारी से जोश भरा कक्षा 3 के छात्रों ने बाकी से फस्ट क्लास है पर प्रस्तुति की।

परमपूज्य गुरूजी ने आशर्वाद वचन कहते हुये कहा कि बच्चे में देशभक्ति की भावना और स्वदेश से प्यार होना चाहिये। बच्चे अपना आदर्ष देश पर जान कुर्बान करने वालों को बनायें। वहीं कमाण्डेन्ट एम.ए.वेग ने कहा कि कई वार्षिकोत्सव देखे पर इतना अदभुत, सुव्यवस्थित कार्यक्रम पहली बार देखा है। सम्पूर्ण कार्यक्रम का मंच संचालन कक्षा 11वी एवं 9वीं के विद्यार्थी असिसटेन्ट स्कूल केप्टन उन्नति मिश्रा एवं हिमांषी शि्वहरे, प्रंशात शर्मा एवं वेदान्त गुप्ता किया

स्कूल डायरेक्टर श्रीमती रूपाली गौतम ने कहा कि किड्स गार्डन स्कूल विगत 16 वर्षाें से शहर के शैक्षणिक स्तर को नित नयी ऊँचाईयां प्रदान करता जा रहा है और हमारी कोषिष तथा विष्वास है कि हम लगातार बदलते समय और पाठ्यक्रम के अनुसार शहर को विष्व स्तरीय षिक्षा प्रदान करते रहेंगे, आभार प्रदर्शन प्राचार्य शिवकुमार गौतम ने किया। सम्पूर्ण कार्यक्रम शिक्षक शिक्षकाओं के पूर्ण निष्ठा से किये गये सामूहिक प्रयास से भव्यता प्राप्त कर पाया जिसमें शिक्षिका रिचा कुलश्रेष्ठ तथा शिक्षक अंकित सक्सेना की महती भूमिका थी।