CAA के समर्थन में रैली निकालने वाले कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट, सौंपा ज्ञापन

शिवपुरी। गत दिनों नागरिक संशोधन कानून के समर्थन में राजगढ़ जिले के व्यावरा शहर में निकाली गई शांतिपूर्ण रैली में चल रहे कार्यकताओं पर जिला जिलाधीश राजगढ़ व अनुविभागीय अधिकारी द्वारा की गई मारपीट के विरोध में जनजागरण मंच शिवपुरी द्वारा एक ज्ञापन महामहिम राज्यपाल के नाम डिप्टी कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन के माध्यम से दोषी जिलाधीश एवं अनुविभागीय अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की हैं।

ज्ञापन में बताया गया है कि नागरिक संशोधन अधिनियम 2019 भारत की संसद के दोनों सदनों से पारित एवं राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से अधिसूचित कानून बन जाने के बाद उसके समर्थन में देशभर में शांतिपूर्ण रैलियां आयोजित की जा रही हैं।

उसी कड़ी में राजगढ़ जिले के व्यावरा शहर में एक मंदिर प्रांगण में रैली हेतु नागरिक एकत्रित हुए थे। उस मंदिर प्रांगण के गेट पर जिलाधीश ने ताला लगा दिया। पूरे व्यावरा नगर की ओर आने वाले रास्तों की नाके बंदी कर दी गई ताकि लोग रैली में शामिल ही न हो सके।

लोगों के सामने अपने सरकारी वाहन को बीच में खड़ा कर दिया गया और राजगढ़ जिलाधीश निधि निवेदिता ने रैली में भाग ले रहे लोगों के साथ स्वयं ही मारपीट की। जिलाधीश का स्वयं ही जिला मुख्यालय राजगढ़ से व्यावरा आना और फिर यह सब करना पूर्ण नियोजित प्रतीत होता हैं। उनके द्वारा स्वयं मारपीट करना अपने अधीनस्थो को भी मारपीट करने के लिए निर्देशित करना पद का मद दिखता हैं तथा किसी लोकसेवक का गंभीर कदाचरण हैं।

प्रत्येक प्रशासनिक लोक सेवक भारतीय संविधान का पालन करने के लिए बाध्य हैं। परन्तु व्यावरा की रैली में राष्ट्रीय ध्वज लिए हुए जनप्रतिनिधियों और सामान्य जनता के साथ जिलाधीश द्वारा स्वयं ही मारपीट एवं दुव्र्यवहार करना बर्वरता की पराकाष्टा हैं।

यह कृत्य म.प्र. में अराजकता सिद्ध करता हैं। ज्ञापन देने वालों में उमेश भारद्वाज, रमेश शिवहरे, स्वरूप नारायण भान, अुतल शर्मा, गोपाल व्यास, मोहन कुमार बाथम, नीरज खटीक, प्रेमकुमार सहित अन्य समाजप्रमुख नागरिक उपस्थित थे।