किसान ऋण घोटाला: स्वर्गवासी आत्माओं के नाम लोन चढ़ा दिया, 72 के नाम फर्जी लोन

नरवर। खबर जिले के नरवर नगर के ऋण माफी योजना शिविर से आ रही हैं जहां सरकार ने ऐसे आदमियो को लोन माफ कर दिया,जिन्होने लोन लिया ही नही। इतना ही कागजो में कुछ ऐसे स्व:श्रीमानो का भी लोन माफ किया गया,जो लोने लेने के सालो पहले स्वर्ग सिधार गए। ऐसे व्यक्तियो का लोन माफ करने इस शिविर में बुलाया गया था।
 
जानकारी के अनुसार नरवर के रहने वाले किसान प्रवीण कुमार ने बताया कि 2006 में मरे पिता की देहांत हो गया। 2012 में उनके नाम पर लोन स्वीकृत हो गया,अब उनका लोन माफ किया जा रहा हैं। यह हमारे पूर्वजो का अपमान हैं।

खास बात यह है कि इस तरह का यह अकेला मामला नहीं हैं वरन 72 लोगों के परिजनों ने शिविर में आकर शिकायत करते हुए कहा कि हमने तो लॉन लिया ही नहीं फिर नोटिस काहे के। शिविर में यह बात भी सामने आई कि जिन ग्रामीणों ने लॉन नहीं लिया,जिनके नाम जमीन भी नहीं थी।

ऐसे किसानों के नाम भी बकाया निकालकर ऋण माफी योजना में प्रकरण शामिल हुए हैं।जबकि विभागीय सचिव का कहना है कि इन मामलों में नोटिस उन्ही को जारी होते है जिन्होने ऋण लिया हो। इस मामले में नाराज परिजनों ने अधिकारियों से शिकायत कर जांच करने को कहा।

ग्राम करई के किसान रामकुमार पुत्र लक्ष्मी नारायण की मृत्यु 2006 में हो चुकी थी। जबकि उन पर 28 फरवरी 2012 में लॉन लेना बताया गया। उनके पुत्र प्रवीण कुमार को उसका नोटिस जारी किया गया। इसी तरह से ग्राम छतरी के कला पुत्र धर्मा लोधी का बैंक में खाता ही नहीं है और उसे दो खातों के कर्जदार होना बताया गया।

बलराम पुत्र हरनाम सिंह रोनीजा, अमृत पुत्र रतिराम बघेल, नवल किशोर पुत्र रामसेवक, संतोष पुत्र केशव सिंह ने बताया कि उन्होने कभी कर्जा लिया ही नहीं फिर भी उन्हें नोटिस जारी कर दिए गए। ऐसे कई किसान जिनका पिता का निधन हो गया फिर भी इनके नाम ऋण निकाल दिया

हमने लोन लिया ही नहीं फिर माफी किसकी होगी
मेरे पिता के नाम पर 2012 में लोन निकाला गया जबकि उनकी मृत्यु 2006 में हो गई थी। अब मुझे बताया गया है कि आपके नाम लोन माफी का नोटिस है। जब लोन लिया ही नहीं तो नोटिस क्यों।
प्रवीण कुमार, मृतक रामकुमार का पुत्र

अनियमिताओं की जांच पहले से चल रही है
अनियमिताओं की जांच पहले से चल रही है। हमारे पास कुछ किसानों ने मृत होने के बाद लोन की शिकायत की है ओर इनके नाम नोट कर जांच के लिए संबंधित अधिकारी को भेज दिया है।
कल्पना कुशवाह, तहसीलदार नरवर

ऐसे मामले भी आए जिनमें 2 बार नोटिस दिए
लोन माफी के लिए बृजमोहन रावत पुत्र प्रताप सिंह रावत, संतोष शर्मा पुत्र केशव शर्मा, हरप्रसाद पुत्र हमीर सिंह रावत, कला पुत्र धर्मा को दो बार नोटिस दिया गया। इनके खाते भी दो बताए गए हैं। इसी तरह बद्री प्रसाद रावत, रामसखी पत्नी ओमप्रकाश शर्मा, नारायण सिंह रावत सहित 1 सैकड़ा से अधिक किसान ऐसे थे,जिन्होंने ऋण लिया ही नहीं और इनको नोटिस जारी कर कैंप में बुलाया गया।