फर्जी विक्रेता खडा कर प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री कर दी, 4 पर धोखाधडी का मामला दर्ज

शिवपुरी। खबर शहर के सिटी कोतवाली क्षेत्र के उप पंजीयक रजिस्ट्रार कार्यालय से आ रही है। जहां बीते दिनों चार आरोपीयों ने मिलकर एक युवक के नाम पर फर्जी रजिस्ट्री करा दी। इस मामले की शिकायत पीडित ने पुलिस थाना कोतवाली में एक आवेदन के माध्यम से की। उसके बाद पुलिस ने मामला जांच में ले लिया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपीयों के खिलाफ धोखाधडी की धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना में ले लिया हैै।

जानकारी के अनुसार कोतवाली के नबाव साहव रोड पर रहने वाले एक राठौर परिवान सदस्य ने अपने मकान का एक कमरा किराए पर दे दिया। बल्कि कमरे पर कब्जा कर लिया। खाली करने को जब मालिेक ने कहा तो आरोपी किराएदार ने अपने साथियों की मदद से उसकी पिटाई लगा दी। लेकिन पुलिस ने दोनों पक्षो पर क्रॉस मामला दर्ज कर दिया लिया है।

पीडित मकान मालिक हरविलास पुुत्र राम चरण दास राठौर ने दर्ज कराई शिकायत में बताया है कि उसने अपना मकान का एक कमरा कुबेर जाटव को किराए पर दिया था। बीते 12 जनवरी को जब हरबिलास नए मकान में रहने वाले अवधेश से मकान खाली करने और किराया चुकता करने की बात कहकर वह वहां से चला गया, इस बात से अवधेश नाराज हो गया और उसने अपने साथी कपिल रावत, संजय रावत निवासी चंद्रा कॉलोनी और सोवरन रावत को बोल दिया।

जिन्होंने उसे और उसके साथी लला तोमर को बस स्टैंड पर पकड़ लिया और चारों ने मिलकर उसके साथ गाली-गलौच कर दोनों की डंडों से मारपीट कर दी। आरोपी उसे यह भी धमकी दे गया कि अगर उसने कमरे का किराया मांगा और खाली करने की बात कही तो अगली बार वह उसे जान से मार देगा।

पीड़ित की रिपोर्ट पर से पुलिस ने आरोपी सोवरन रावत, संजय रावत, कपिल रावत और अवधेश के खिलाफ भादवि की धारा 294,323,506,34 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया। इसी मामले में किराएदार कुबेर जाटव निवासी सतेरिया ने भी थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि मकान मालिक हरविलास राठौर और लला राठौर शराब के नशे में उसके कमरे में आए और दोनों ने 6 महीने का किराया मांगा।

जब दिए किराए की पर्चियां भी उसके पास हैं और उसने उन पर्चियों को दिखाया तो हरविलास ने उसकी पर्ची फाड़ दी और मां—बहन की गालियां देते हुए उसकी और उसके मित्र राजकुमार जाटव की मारपीट कर दी। पुलिस ने उस मारपीट में आरोपी हरविलास राठौर और लला तोमर के खिलाफ भादवि की धारा 452,294,323,506,34 सहित 3(1)द, 3(1)न,3(2)(अ) एससीएसटी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया।