शिवपुरी। द्धितीय अपर सत्र न्यायाधीश डॉ.मुकेश मलिक ने शुक्रवार को दिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले में एक युवक की गोली मारकर हत्या करने वाले 2 आरापियों को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया हैं। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार फरियादी संतोष यादव ने पुलिस को शिकायत कराई कि 15 जुलाई 2014 को वह और उसकी मौसी का लडका अपने भाई नवल सिंह खनियाधानां मेें बुदेंला सिंह के मकान में किराए से रहता था। घटना वाले दिन बुदेला सिंह की शिक्षक पत्नि जयदेवी खाना बनाकर चमरौआ सिथत अपने स्कूल पर पढाने गई थी।
वह और रविन्द्र अपने भाई नवल सिंह पडौंस मेें रहने वाले इंदर सिंह के मकान पर था,जहां इंदर व नवल सिंह में किसी बात पर विवाद हो गया। आवाज सुनकर रविन्द्र व उसके अलावा बुदेल सिंह भी बहार आ गया। दोनो के बीच झगडा सुनकर बुदेंल सिंह ने नवल सिंह की ओर इशारा करते हुए इंदर सिंह से कहा कि इसे गोली मार दो।
इसके बाद इंदार सिंह ने नवल में गोली मार दी,इसी दौरान बुंदेल सिंह की पत्नि जयदेवी भी वहीं आ गई उसने भी पूरी घटना देखी। उकत सूचना पर पुलिस ने आरोपी बुदेंल सिंह व इंदर के खिलाफ हत्या का प्रकरण कायम कर विवेचना उपरांत न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान प्रकरण में आए समस्त तथ्यों एंव सांक्ष्यो पर विचारण उपरांत आरोपियों को आजीवान कारावाए और 5—5 हजार के अर्थदंड से दंडित किया हैं।
अभियोजन के अनुसार फरियादी संतोष यादव ने पुलिस को शिकायत कराई कि 15 जुलाई 2014 को वह और उसकी मौसी का लडका अपने भाई नवल सिंह खनियाधानां मेें बुदेंला सिंह के मकान में किराए से रहता था। घटना वाले दिन बुदेला सिंह की शिक्षक पत्नि जयदेवी खाना बनाकर चमरौआ सिथत अपने स्कूल पर पढाने गई थी।
वह और रविन्द्र अपने भाई नवल सिंह पडौंस मेें रहने वाले इंदर सिंह के मकान पर था,जहां इंदर व नवल सिंह में किसी बात पर विवाद हो गया। आवाज सुनकर रविन्द्र व उसके अलावा बुदेल सिंह भी बहार आ गया। दोनो के बीच झगडा सुनकर बुदेंल सिंह ने नवल सिंह की ओर इशारा करते हुए इंदर सिंह से कहा कि इसे गोली मार दो।
इसके बाद इंदार सिंह ने नवल में गोली मार दी,इसी दौरान बुंदेल सिंह की पत्नि जयदेवी भी वहीं आ गई उसने भी पूरी घटना देखी। उकत सूचना पर पुलिस ने आरोपी बुदेंल सिंह व इंदर के खिलाफ हत्या का प्रकरण कायम कर विवेचना उपरांत न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान प्रकरण में आए समस्त तथ्यों एंव सांक्ष्यो पर विचारण उपरांत आरोपियों को आजीवान कारावाए और 5—5 हजार के अर्थदंड से दंडित किया हैं।

