शिवपुरी। जिले में शिक्षकों की जो स्थानान्तरण सूची शिक्षा विभाग ने प्रभारी मंत्री के अनुमोदन उपरांत जारी की थी उस सूची में एक ओर अमल खटाई में पड़ गया है। विवादित सुची पर दावे आपत्तियां आमंत्रित कर जहां शिक्षकों को एक तरफा कार्यमुक्ति बाद रोक दिया गया था अब उन में से कुछ शिखकों की रवानगी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिवपुरी विकास खण्ड सहित कुछ अन्य स्कूलों के उन शिक्षकों को कर्ममुक्त किया जा रहा है जिन्होनें न्यायालय की शरण ली मगर उन्हे कोर्ट से स्थगन या निरस्ती जैसी कोई राहत नहीं मिल पाई जबकि जिन्होनें आपत्तियां दर्ज कराई उनकी आपत्तियां का कोई निराकरण आज तक नहीं निकला। ऐसे में तमाम शिक्षक तबादलाधीन होकर अधर में अटके हुए हैं। प्रशासन के आला अधीकारियों का रूख देख कर नहीं लगता की मामले में कोई सटीक निर्यणयन की स्थिति में है। यहां दलालो की फौज शिक्षकों से वसूली में जुटी हुई है। जो स्थानान्तरण रूकवाने के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं यह तबादला उन पर जम कर पनप रहा है। जिले में एक ओर शिक्षकों के मनमाने तबादले किए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर शैक्षणिक व्यावस्था के नाम पर अटैचमेंट का सिलसिला भी जारी है। पद विरूद्ध पदांकनों की भी खासी लम्बी सुची यह मौजूद है मगर इन सब पर प्रशासन मौन है।

