कोलारस में माफिया का अतिक्रमण नहीं, गरीबों की गुमटी हटाई जा रही है | kolaras news

कोलारस। खबर जिले के कोलारस अनुविभाग के लुकवासा क्षेत्र की है। जहां इन दिनों प्रशासन एन्टी माफिया मुहिम की आड में गरीब लोगों पर कहर बरफाने में जुटे हुए है। हालात यह है कि प्रशासन को सरेआम शासकीय भूमि या यू कहें कि विभागों को जारी भूमि का अतिक्रमण दिखाई नहीं दे रहा है। अपितु प्रशासन सरेआम यहां स्टॉलों में चाय बैच रहे लोगों को एन्टी माफिया मुहिम के तहत कार्यवाही कर रहा है।

जानकारी के अनुसार बीते रोज प्रशासन ने लुकवासा में रोड किनारे बनी गुमटियों को हटाकर अपनी पीट थपथपा कर मामला चलता कर दिया। परंतु इन दिनों लुकवासा की हालात यह है कि यहां माफियाओं ने शासकीय जमींन तो छोडो पुलिस चौकी को ही नहीं छोडा। यहां इन भू माफियाओें ने शासकीय पुलिस चौकी की सहित,अस्पताल और सोसाईटी की शासकीय जमींन पर अपने अपने मकान तान रखे है।

इसके चलते हालात यह है कि उक्त अतिक्रमण माफियाओं के होने के चलते प्रशासन इन माफियाओं पर कार्यवाही करने से बच रही है। जबकि खाना पूर्ति के लिए महज रोड किनारे से गुमटी हटा रही है।

कव्रिस्तान रोड पर कोर्ट के आदेश से हटाए थे अतिक्रमण,फिर बनने लगे
इन दिनों हालात यह है कि कोलारस में अनुविभागीय अधिकारी आईएएस होने के बाबजूद भी इन भू माफियाओं से न जाने कौन सा गढबंधन किए बैठे है। जिसके चलते हालात यह है कि एसडीएम और नगर पंचायत प्रशासन की गलती के चलते प्रशासन ने माननीय हाईकोर्ट में लगी पीआईएल को भी ठुकरा दिया और अतिक्रमण तोडने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। कोलारस प्रशासन की गलती के चलते हालात यह हुई कि शिवपुरी कलेक्टर को माननीय हाईकोर्ट की फटकार और जुर्माना झेलना पडा।

परंतु जैसे ही कव्रिस्तान रोड से प्रशासन ने आखें हटाई फिर एक अतिक्रमणकारी सक्रिय हो गया। उसने प्रशासन द्धारा गिराए गए मकान को फिर से बनाना प्रारंभ कर दिया। हालात यह है कि यह मकान अभी निर्माणाधीन है। परंतु प्रशासन को यह दिखाई नहीं दे रहा।

इनका कहना है।
हां मामला मेरे संज्ञान में है,मेने यहां जाकर खुद देखा है कि यहां अतिक्रमण है। जिसपर हम कार्यवाही करने की तैयारी में है। कोई भी अतिक्रमणधारी बक्सा नहीं जाएगा।
आशीष तिवारी,आईएएस,एसडीएम कोलारस।