हार्दिक गुप्ता कोलारस। कोलारस नगर में कॉलोनाईजरो ने खेतो में मकान ऊंगाने का कारनामा लगातार किया जा रहा हैं। पूर्ण विकसित कॉलोनी का प्रचार कर खेत में प्लाट बेचे जा रहे हैं।बताया जा रहा हैं कि कोलारस में इस तरह खेतो को प्लाटो को कनवर्ड करने का पूरा गिरोह सक्रिय हैं। इससे प्लाट खरीदने वालो के साथ तो धोखाधडी तो हो रही हैं साथ में राजस्व का चूना भी सरकार को लग रहा हैं।
कोलारस में कई कॉलोनी ऐसी हैंं,जो पूर्ण रूप से अवैध तरिके से बेची गई है। सीधे खेतो को खरिदकर चूना डालकर और उसमें मुरम और पत्थर की रोड बनाकर प्लॉटो के रूप में बेचा जा रहा है। कॉलोनी के कोई भी रूलस फॉलो नही किए जा रहे है।
इन कॉलोनी को काटने वाले न ही रजिष्ट्रट कॉलोनी नाईजर है और न ही इन पर रेरा का लाईसेंस हैं।इन पर रेरा का लाईसेंस नही होने के कारण कॉलोनी में जो नियमानुसार सुविधाए जैसे सडक पानी बिजली और सीवर की कोई सुविधा इस कॉलोनी में मकान बनाने वालो को नही मिल रही हैं।
इससे दो बडे नुकसान होते हैं एक तो नगर सुसज्त्ति तरिके से नही बसता हैं और राजस्व को चूना भी लगता है। खेतो मे खरीदे गए प्लाटो की डायवर्सन के साथ मकान बनाने की मजूंदी नही मिलती हैं जिससे वह निर्माण अवैध की श्रेणी में आ जाता हैं। नगर पंचायत को भी राजस्व में घाटा होता हैं मकान तो वन जाता हैं लेकिन नगर पंचायत से मंजूरी नही मिलने के कारण उसमें रजिष्ट्रट नही होता हैं। जिससे उसे टैक्स नही मिलता हैं।
नहीं मिलेगा सुविधाओं का लाभ
अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को नगर पालिका क्षेत्र की सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल रहा है। इन्हें न पानी की सुविधा मिल रही और न ही बिजली की सुविधा। कॉलोनियों को पूर्ण विकसित करने का झांसा देकर आम जन को मुसीबत में डाला जा रहा है। कॉलोनियों में सड़क भी अपने ही खर्चों पर कॉलोनाइजर बनवाते हैं।
कॉलोनी नहीं फार्म 4
सरकारी नियमों के तहत फार्म 4 के नियमों का पालन करने वाली कॉलोनी के प्लाट की कीमत अधिक हो जाती है। लोन जैसी सुविधा का लाभ भी फार्म 4 कॉलोनी के प्लाटों को मिलता है, लेकिन एक भी कॉलोनी में फार्म-4 के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
करोड़ो के राजस्व का लग रहा चूना
अवैध कॉलोनियों में एक ओर गांव के भोले-भाले लोगों को फंसाया जा रहा है, वहीं शासन को करोड़ो रुपए के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। राजस्व महकमा भी इनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है।
कृषि योग्य भूमि में काट दिए प्लॉट
शहर की सीमा से लगे स्टेशन रोड क्षेत्र में कृषि योग्य भूमि में ही अवैध तरीके से प्लॉट काट कर कारोबारियों ने प्लॉट के रुप में बेच दिया है। कृषि योग्य भूमि को प्लाट के रूप में बेचने से पहले उसका परिवर्तन कराना होता है।
कॉलोनाइजर बिना परिवर्तन कराए ही उसे बेच रहे हैं।माफियाओं द्वारा लगातार स्टेशन रोड़ पर कृषि योग भूमि पर मुरम डालकर एवं अवैध रूप से विद्युत पोल खड़े करके लगातार कृषि योग भूमि में प्लाटिंग करके भोली भाली जनता को अपने मकडज़ाल में फंसाया जा रहा हैं।
कोलारस में अभी कुछ दिन पूर्व एक पूर्ण विकसित कॉलोनी का सब्जबाग कोलारस कि निवासियो को दिखाया गया था और उसमें प्लॉट भी बेचे गए। बताया जा रहा हैं कि इस कॉलोनी की कोई की कोई वैध मंजूरी नही ली गई। ना ही इस कॉलोनाईजर पर रेरा का लाईसेंस था। इन्होने बकायदा इस कॉलोनी के प्लाटो को बेचने के लिए आफिस खोला था,अब प्लाट बिक गए तो आफिस बदं हो गया। अब खरीददारो को ज्ञात हो रहा हैं कि इस कॉलोनी मे बताई गई कोई सुविधा नही हैं।
कोलारस में कई कॉलोनी ऐसी हैंं,जो पूर्ण रूप से अवैध तरिके से बेची गई है। सीधे खेतो को खरिदकर चूना डालकर और उसमें मुरम और पत्थर की रोड बनाकर प्लॉटो के रूप में बेचा जा रहा है। कॉलोनी के कोई भी रूलस फॉलो नही किए जा रहे है।
इन कॉलोनी को काटने वाले न ही रजिष्ट्रट कॉलोनी नाईजर है और न ही इन पर रेरा का लाईसेंस हैं।इन पर रेरा का लाईसेंस नही होने के कारण कॉलोनी में जो नियमानुसार सुविधाए जैसे सडक पानी बिजली और सीवर की कोई सुविधा इस कॉलोनी में मकान बनाने वालो को नही मिल रही हैं।
इससे दो बडे नुकसान होते हैं एक तो नगर सुसज्त्ति तरिके से नही बसता हैं और राजस्व को चूना भी लगता है। खेतो मे खरीदे गए प्लाटो की डायवर्सन के साथ मकान बनाने की मजूंदी नही मिलती हैं जिससे वह निर्माण अवैध की श्रेणी में आ जाता हैं। नगर पंचायत को भी राजस्व में घाटा होता हैं मकान तो वन जाता हैं लेकिन नगर पंचायत से मंजूरी नही मिलने के कारण उसमें रजिष्ट्रट नही होता हैं। जिससे उसे टैक्स नही मिलता हैं।
नहीं मिलेगा सुविधाओं का लाभ
अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को नगर पालिका क्षेत्र की सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल रहा है। इन्हें न पानी की सुविधा मिल रही और न ही बिजली की सुविधा। कॉलोनियों को पूर्ण विकसित करने का झांसा देकर आम जन को मुसीबत में डाला जा रहा है। कॉलोनियों में सड़क भी अपने ही खर्चों पर कॉलोनाइजर बनवाते हैं।
कॉलोनी नहीं फार्म 4
सरकारी नियमों के तहत फार्म 4 के नियमों का पालन करने वाली कॉलोनी के प्लाट की कीमत अधिक हो जाती है। लोन जैसी सुविधा का लाभ भी फार्म 4 कॉलोनी के प्लाटों को मिलता है, लेकिन एक भी कॉलोनी में फार्म-4 के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
करोड़ो के राजस्व का लग रहा चूना
अवैध कॉलोनियों में एक ओर गांव के भोले-भाले लोगों को फंसाया जा रहा है, वहीं शासन को करोड़ो रुपए के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। राजस्व महकमा भी इनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है।
कृषि योग्य भूमि में काट दिए प्लॉट
शहर की सीमा से लगे स्टेशन रोड क्षेत्र में कृषि योग्य भूमि में ही अवैध तरीके से प्लॉट काट कर कारोबारियों ने प्लॉट के रुप में बेच दिया है। कृषि योग्य भूमि को प्लाट के रूप में बेचने से पहले उसका परिवर्तन कराना होता है।
कॉलोनाइजर बिना परिवर्तन कराए ही उसे बेच रहे हैं।माफियाओं द्वारा लगातार स्टेशन रोड़ पर कृषि योग भूमि पर मुरम डालकर एवं अवैध रूप से विद्युत पोल खड़े करके लगातार कृषि योग भूमि में प्लाटिंग करके भोली भाली जनता को अपने मकडज़ाल में फंसाया जा रहा हैं।
कोलारस में अभी कुछ दिन पूर्व एक पूर्ण विकसित कॉलोनी का सब्जबाग कोलारस कि निवासियो को दिखाया गया था और उसमें प्लॉट भी बेचे गए। बताया जा रहा हैं कि इस कॉलोनी की कोई की कोई वैध मंजूरी नही ली गई। ना ही इस कॉलोनाईजर पर रेरा का लाईसेंस था। इन्होने बकायदा इस कॉलोनी के प्लाटो को बेचने के लिए आफिस खोला था,अब प्लाट बिक गए तो आफिस बदं हो गया। अब खरीददारो को ज्ञात हो रहा हैं कि इस कॉलोनी मे बताई गई कोई सुविधा नही हैं।

