शिवपुरी। जिले में एक और कलेक्टर का पूरा फोकस स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था पर है। वहीं दूसरी ओर एक—एक स्कूलों से तीन—तीन शिक्षकों तक को बीएलओ और बीपीएजल सर्वे डयूटी में लगा दिया गया है। ऐसे में कई स्कूल लगभग शिक्षक विहीन जैसी स्थिती में आ गए हैं। वहीं कई कक्षाओं में पढाई पूरी तरह ठप हो गई है। हालात यह है कि एगजाम सर पर आ गए हैं और कोर्स अभी तक अधूरा पडा है। जिम्मेदार इसके बावजूद मौन बैठे हैै।
उल्लेखनिय है कि शिक्षा आयुक्त लगभग साल भर पहले से यह आदेश जारी कर किया था कि स्कूल शिक्षकों के सिवाय शैक्षणिक कार्य के अलावा और कोई कार्य ना कराया जाए और जिन शिक्षकों की डयूटी बीएलओ के रूप में लगाई गई है, उन्हें इस डयूटी से मुक्त किया जाए। इतना सब होने के बाद भी शिवपुरी में परीक्षा से ठीक पहले बीएलओ व बीपीएल सर्वे डयूटी भी स्कूलों क्षेत्र में लगा दिया गया है।
शिक्षकों की डयूटी भी स्कूली क्षेत्र से किसी दूसरे क्षेत्र में लगाई गई है,ऐसे में जिन शिक्षकों की डूयूटी में लगाया गया है, वह पिछले कई दिनों सें स्कूल नहीें आ पा रहे हैं। बहुत से स्कूल तो खाली जैसी स्थिती में आ गए हैं। खास बात ये है कि जिन शिक्षकों को बीऐलओ डयूटी में लगाया गया है,उनमें से बहुत से शिक्षक तो कक्षा 5 व कक्षा 8 मेें पढाते हैं।
यहां विचारणीय पहलू यह है कि यह शिक्षक पूरे जनवरी के महा तक बीएलओ की डयूटी में तैनात रहेगे तो फिर इन क्लासों में पढनें वाले बच्चे को कोर्स कैसे कम्पलीट होगा, कब उनका रिवीजन होगा तो शिक्षको दिया गया 80 प्रतीश्त रिजल्ट का टारगेट पूरा होना मुश्किल ही नहीं असंभव है।
शहर के बडौदी स्कुल से ही तीन शिक्षकों को और मदकपूरा से चार शिक्षकोंं को बीएलओं ड्यूटी मे लगाया गया है। शंकरपुर झिंगुरा से दो महिला शिक्षिकाओं सहित करीब तीन दर्जन शिक्षको शिवपुरी ब्लाक में ही बीपीएल सर्वे में लगाया गया है। ऐसे और भी न जाने कितने स्कूल हैं जहां से इस तरह के शिक्षकों को बीएलओे व बीपीएल ड्यूटी में तैनात किया गया है। कुल मिलाकर स्कूलों में बीएलओ ड्यूटी के कारण स्कूलों में पढाई ठप है।
उल्लेखनिय है कि शिक्षा आयुक्त लगभग साल भर पहले से यह आदेश जारी कर किया था कि स्कूल शिक्षकों के सिवाय शैक्षणिक कार्य के अलावा और कोई कार्य ना कराया जाए और जिन शिक्षकों की डयूटी बीएलओ के रूप में लगाई गई है, उन्हें इस डयूटी से मुक्त किया जाए। इतना सब होने के बाद भी शिवपुरी में परीक्षा से ठीक पहले बीएलओ व बीपीएल सर्वे डयूटी भी स्कूलों क्षेत्र में लगा दिया गया है।
शिक्षकों की डयूटी भी स्कूली क्षेत्र से किसी दूसरे क्षेत्र में लगाई गई है,ऐसे में जिन शिक्षकों की डूयूटी में लगाया गया है, वह पिछले कई दिनों सें स्कूल नहीें आ पा रहे हैं। बहुत से स्कूल तो खाली जैसी स्थिती में आ गए हैं। खास बात ये है कि जिन शिक्षकों को बीऐलओ डयूटी में लगाया गया है,उनमें से बहुत से शिक्षक तो कक्षा 5 व कक्षा 8 मेें पढाते हैं।
यहां विचारणीय पहलू यह है कि यह शिक्षक पूरे जनवरी के महा तक बीएलओ की डयूटी में तैनात रहेगे तो फिर इन क्लासों में पढनें वाले बच्चे को कोर्स कैसे कम्पलीट होगा, कब उनका रिवीजन होगा तो शिक्षको दिया गया 80 प्रतीश्त रिजल्ट का टारगेट पूरा होना मुश्किल ही नहीं असंभव है।
शहर के बडौदी स्कुल से ही तीन शिक्षकों को और मदकपूरा से चार शिक्षकोंं को बीएलओं ड्यूटी मे लगाया गया है। शंकरपुर झिंगुरा से दो महिला शिक्षिकाओं सहित करीब तीन दर्जन शिक्षको शिवपुरी ब्लाक में ही बीपीएल सर्वे में लगाया गया है। ऐसे और भी न जाने कितने स्कूल हैं जहां से इस तरह के शिक्षकों को बीएलओे व बीपीएल ड्यूटी में तैनात किया गया है। कुल मिलाकर स्कूलों में बीएलओ ड्यूटी के कारण स्कूलों में पढाई ठप है।

