बदरवास। जिले के बदरवास जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत इंदार मैं विकास के नाम पर सरपंच सचिव द्वारा किए गए घोटालों की हाईकोर्ट में भी याचिका पहुंची तो ग्वालियर उच्च न्यायालय ग्राम पंचायत इंदार मैं हुए घोटालों की जांच के लिए शिवपुरी जिला कलेक्टर को जांच के आदेश दिए।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत इंदार के रामसेवक परिहार ने पंचायत में हुए घोटालों को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की याचिका क्रमांक डब्ल्यू पी/ 26027/ 2019 दिनांक 6/12/2019 के अनुसार ग्वालियर हाईकोर्ट ने पंचायत के निर्माण कार्यों की जांच के लिए जिला कलेक्टर शिवपुरी को जांच के आदेश दिए हैं।
नहीं हो रही थी सुनवाई तो पहुंचा कोर्ट
बदरवास जनपद के ग्राम पंचायत इंदार के सरपंच/सचिव पर घोटालो का आरोप ग्राम के ही रामसेवक परिहार ने लगाया है। और एस,डी, एम, से लेकर कलेक्टर तक गुहार लगाई लेकिन कोई सुनबाई नही हुई।
थक हार कर रामसेवक परिहार ने हाईकोर्ट की शरण ली जिसपर हाईकोर्ट ने कलेक्टर को पंचायत के सभी निर्माण कार्यो की जांच के आदेश दिये हैं।
नाली से लेकर शौचालय तक में भ्रष्टाचार
शिकायत में सरपंच एवं सचिव पर गांव के विकास के लिए मिली करोड़ों की राशि बंदरबांट करने का आरोप है जिसमें सी,सी,खरंजा निर्माण,पुलिया निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, ग्रेवल रोड, शासकीय भवनों की पुताई एवं शौचालय निर्माण आदि में घोटालों का आरोप है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत इंदार के रामसेवक परिहार ने पंचायत में हुए घोटालों को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की याचिका क्रमांक डब्ल्यू पी/ 26027/ 2019 दिनांक 6/12/2019 के अनुसार ग्वालियर हाईकोर्ट ने पंचायत के निर्माण कार्यों की जांच के लिए जिला कलेक्टर शिवपुरी को जांच के आदेश दिए हैं।
नहीं हो रही थी सुनवाई तो पहुंचा कोर्ट
बदरवास जनपद के ग्राम पंचायत इंदार के सरपंच/सचिव पर घोटालो का आरोप ग्राम के ही रामसेवक परिहार ने लगाया है। और एस,डी, एम, से लेकर कलेक्टर तक गुहार लगाई लेकिन कोई सुनबाई नही हुई।
थक हार कर रामसेवक परिहार ने हाईकोर्ट की शरण ली जिसपर हाईकोर्ट ने कलेक्टर को पंचायत के सभी निर्माण कार्यो की जांच के आदेश दिये हैं।
नाली से लेकर शौचालय तक में भ्रष्टाचार
शिकायत में सरपंच एवं सचिव पर गांव के विकास के लिए मिली करोड़ों की राशि बंदरबांट करने का आरोप है जिसमें सी,सी,खरंजा निर्माण,पुलिया निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, ग्रेवल रोड, शासकीय भवनों की पुताई एवं शौचालय निर्माण आदि में घोटालों का आरोप है।

