सस्पेंड थाना प्रभारी के समर्थन में पॉलिटिक्स शुरू: आत्मदाह अपडेट | Shivpuri News

शिवपुरी। फिजिकल थाने के दरवाजे पर दलित युवक राजेश जाटव तारा खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने के मामले में सस्पेंड हुई थाना प्रभारी दीप्ति तोमर के समर्थन में पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। फिजिकल थाना क्षेत्र से अचानक कुछ जागरूक नागरिकों का समूह सामने आया है जिसने एसपी शिवपुरी को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन देने वाले मौका ए वारदात पर मौजूद थे या नहीं यह जांच का विषय है परंतु जापान की भाषा बताती है कि वह सभी घटना के प्रत्यक्षदर्शी थे।

फिजीकल क्षेत्र में रहने वाले शुभकम कौशल, दर्शन कुशवाह, अर्जुन, राजूू, रवि, कपिल खटीक आदि ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राजेश जाटव को आत्मदाह के लिए उकसाया गया था। इसलिए उकसाने वाले युवक के खिलाफ कार्रवाई की जाए और एसआई दीप्ति तोमर को वापस फिजीकल थाने में पदस्थ किया जाए। ज्ञापन देने वालों ने एसपी शिवपुरी को वह वीडियो भी उपलब्ध कराया जो उसी के 1 साथी द्वारा बनाया गया था। वीडियो बना रहा युवक राजेश का नाम लेते हुए कह रहा है कि राजेश आग लगा लो, राजेश तुम्हारी सब सुनेंगे।

पुलिस तो मासूम है सारा दोष संजय का है 

ऐसा ही दीप्ति तोमर के समर्थन में प्रदर्शन करने वालों का कहना है कि फिजीकल थाना गेट पर बाउंड्रीवाल की आढ़ में माचिस की तिली जैसे ही जलाई, कपड़ों में आग भड़क उठी। आग लगती देख थाना परिसर में खड़े पुलिसकर्मी दौड़कर राजेश के शरीर में लगी आग बुझाने के बाद जिला अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया। सूत्रों के अनुसार संजय नामक युवक के उकसाने पर राजेश ने खुद को आग लगाई है।

मामला क्या है

राजेश सगर की पत्नि रीना बीते रोज बस से मनपुरा भौंती की बस से निकली थी परंतु वह अपने घर नहीं पहुंची। जब पता किया तो सामने आया कि उक्त महिला दो बत्ती तिराहे से बस से यह कहकर उतर गई कि वह घर पर कुछ सामान भूल गई। रीना का पति राजेश इस मामले की शिकायत करने फिजीकल थाने पहुंचा परंतु उसका मामला दर्ज नहीं किया गया। इसी बात से आहत होकर राजेश सदर में आत्मदाह की कोशिश की।

जिस पत्नि के लिए किया गया अग्निस्नान,वह रहना नही चाहती

राजेश जाटव की पत्नी रीना से पूछताछ की है। रीना का कहना है कि वह राजेश के साथ रहना नहीं चाहती। इसी कारण वह बिना बताए अपने मामा के घर चली गई थी। राजेश को आत्मदाह के लिए उसके किसी साथी द्वारा उकसाए जाने की बात सामने आ रही है। जांच में सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा।
गजेंद्रसिंह कंवर, अतिरिक्त एसपी शिवपुरी 

उकसाने वालों पर कार्रवाई होगी

कुछ लोगों ने ऑफिस आकर ज्ञापन दिया है। अभी मामले की जांच चल रही है। जांच के दौरान यदि पाया जाता है कि राजेश ने किसी के उकसाने पर आत्मघाती कदम उठाया है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
राजेश सिंह चंदेल, एसपी,शिवपुरी 

कार्रवाई अनिवार्य लेकिन पॉलिटिक्स ? 

इस मामले में कार्रवाई अनिवार्य है। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि आरोप सही है तो एक व्यक्ति ने दूसरे व्यक्ति के जीवन संकट में डालने का काम किया है। उसे आत्महत्या के लिए उकसाया है। निश्चित रूप से उसे सलाखों के पीछे भेजना चाहिए, परंतु क्या एसआई तोमर के समर्थन में शुरू हुई पॉलिटिक्स को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। शहर में हर रोज मामले दर्ज होते हैं। कई मामलों में आरोपियों को आपत्ति भी होती है। इस तरह नागरिकों का कोई समूह कभी किसी के समर्थन में ज्ञापन बाजी करता करता नजर नहीं आता। किसी भी अधिकारी को सस्पेंड करना है या बाहर करना कि विभाग की व्यवस्था का प्रश्न है। इस पर विभाग अध्यक्ष का एकाधिकार होता है। यदि ज्ञापन सिर्फ उकसाने वाले के खिलाफ कार्रवाई के लिए होता तो उचित था लेकिन उसमें निलंबित थाना प्रभारी को बहाल करने की मांग भी की गई। क्या इस तरह की ज्ञापन वाली पुलिस के अनुशासन में स्वीकार्य हैं।