KOLARAS मंडी सचिव की मिलीभगत से व्यापारी लगा रहे शासन को चूना, कम उपज को घर पर तौल रहे है व्यापारी

कोलारस। खबर जिले के कोलारस अनुविभाग के कृषि उपज मंडी से आ रही है। जहां व्यापारी प्रशासन की आंखों के आगे ही प्रशासन को जमकर चूना लगा रहे है। सरकार द्वारा जहां लाखों रुपए खर्च कर किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिल सके इसके लिए मंडी परिसर के अंदर बकायदा टीन सेड तैयार कर किसानो की फसलो की बोली लगवाई जाती है।

ऐसे आदेश भी हैं परंतु बारिश से बची कुछ फसल को लेकर किसान कोलारस मंडी आ रहे हैं कोलारस क्षेत्र के ही नहीं बल्कि शिवपुरी जिले से लेकर अशोकनगर सहित अन्य स्थानों से किसान कोलारस कृषि उपज मंडी में अपनी फसल बेचने आते हैं । परंतु मंडी सचिव से लेकर कर्मचारियों की मनमानी के चलते किसान बेचारे व्यापारियों की दुकानों गोदामों  पर जाकर अपनी फसलें कम दामों में बेचने को विवश दिखाई दे रहे हैं।

साथ ही कोलारस कृषि उपज मंडी बदहाल हो चुकी हैं जिसके चलते किसानों का मन अब कोलारस मंडी से भर चुका है पहले कोलारस की यह मंडी बहुत अच्छी मंडी मानी जाती थी और शासन को भी मंडी से आए सबसे अधिक प्राप्त होती थी परंतु यहां पर अनेक वर्षों से अंगद की तरह डटे मंडी सचिव से लेकर कर्मचारी नाकेदार की मिलीभगत के चलते कोलारस की कृषि उपज मंडी अब  अवस्थाओं के घेरे में जकड़ गई है।

इस समय मंडी में फसल अधिक आ रही है जिसका फायदा मंडी अधिकारी कर्मचारी नाकेदार से लेकर व्यापारी तक भरपूर उठा रहे हैं और व्यापारियों द्वारा मंडी प्रशासन को आइना दिखा कर अपनी दुकानों गोदामो मे कम दामों पर किसानों की फसल कम भाव देकर खरीदी जा रही है । इसके बावजूद भी मंडी के सचिव कर्मचार नाकेदार तक मौन धारण किए हुए हैं।

इसका कारण यह है कि शाम होते ही मंडी के नाकेदार कर्मचारी व्यापारियों से भेट पूजा ले आते हैं जिसके चलते व्यापारी खुलेआम किसानों को ठग रहे हैं और मंडी की आय में कमी हो रही है शासन को चुना लग रहा है । आला अधिकारी कोलारस कृषि उपज मंडी में अचानक पहुंचकर निरीक्षण करें तो बहुत सारी खामियां उनके सामने आ जाएंगी

व्यापारी खुलेआम कर रहे हैं टैक्स चोरी
कोलारस कृषि उपज मंडी की आय में दिन-प्रतिदिन कटौती हो रही है व्यापारी खुलेआम मंडी के टैक्स की चोरी कर रहे हैं जिसके चलते शासन को चपत लग रही है इसके चलते मंडी को लाभ कम हो रहा है व्यापारियों से पैसा तो लिया जा रहा है परंतु गुपचुप तरीके से लिया जाता हैैै।