पोहरी चौराहे पर गरजी हिटैची, दुकानों के आगे सजे अतिक्रमण को किया जमींदोज | Shivpuri News

शिवपुरी। पोहरी बस स्टैंड पर नगर पालिका ने चलाई हिटैची, अवैध अतिक्रमण को हटाया। पिछले कई दिनों से रुक रुक कर चल रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान आज फिर एकाएक शुरू किया। जहां मदाखलन दस्ते ने पोहरी बस स्टैंड चौराहे के पास बनी दुकानों पर दुकानदारों के द्वारा दुकान के सामने जो अतिक्रमण कर रखा था उसे जेसीबी ने जमीदोज कर दिया।

शिवपुरी में पोहरी चौराहे के पास अवैध अतिक्रमण के खिलाफ शुक्रवार को नगर पालिका ने अभियान चलाकर यहां पर अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की। पोहरी रोड से नए बस स्टैंड तक लगभग एक दर्जन से अधिक अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई। इस रोड पर दोनों ओर दुकानदारों ने अवैध टीन शेड और अन्य निर्माण कर लिया था जिसे हटाया गया। इस कार्यवाही से यहां पर आज हडक़ंप पूर्ण माहौल देखा गया।

कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हटाया गया अतिक्रमण

शहर के वार्ड क्रमांक 9 स्थित महावीर पैथोलॉजी के पासा महल कॉलोनी में निर्मित भवनों के मालिकों द्वारा आम रास्ते पर लगभग 4 फुट का अतिक्रमण कर मार्ग को संकुचित कर दिया हैं। जिसकी बजह से इस मार्ग से वाहनों को निकालने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी नगर पालिका प्रशासन द्वारा महल कॉलोनी में किए गए इस अतिक्रमण को नहीं हटाया गया। महल कॉलोनी के नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की हैं कि महल कॉलोनी में किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए जिससे नागरिकों को आवागमन में असुविधा का सामना न करना पड़े।

मालियों ने कर रखा हैं सडक़ पर अतिक्रमण

अतिक्रमण हटाओ कार्यक्रम के तहत विगत दिनों सावरकर उद्यान के गेट के पास दो चाय के ठेलों को मदाखलत दस्ते ने उन्हें तोड़ फोडक़र जमीदोज कर दिया। जबकि सावरकर उद्यान मार्केट की दुकानों में सेसई बाले के नाम से संचालित दुकान मालिक ने सडक़ तक अतिक्रमण कर लिया गया हैं। वहीं सावरकर उद्यान की बाउण्ड्री से लगे स्थान पर नगर पालिका द्वारा मालियों को बैठने के लिए टीनसेड लगाकर स्थान निर्धारित किया था। लेकिन इसके बाबजूद भी मालियों द्वारा निर्धारित स्थान से लगभग 10 फुट आगे तक सडक़ पर अतिक्रमण कर व्यस्त मार्ग एबी रोड़ को अवरूद्ध किया गया। सवाल यह उठता हैं कि मालियों से कई फुट पीछे बैठे हुए चाय के ठेलों को तोड़ दिया गया लेकिन इन मालियों पर नगर पालिका प्रशासन क्यों मेहरबान हैं।