इस खबर का क्या आधार: आखिर क्यों प्लांट कराई गई RTO शिवपुरी मधुसिंह के भ्रष्टाचार पर चादर डालती खबर

एक्सरे@ललित मुदगल / शिवपुरी। पिछले कई माह से आरटीओ मधुसिंह अपने भ्रष्टाचार को लेकर चर्चा में हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह के एक कार्यक्रम में भीड जुटाने को लेकर प्रयोग में लाई गई बसों के भुगतान के मामले में आरटीओ शिवपुरी पर गबन का आरोप हैं। आरोप लगाया जा रहा हैं कि आरटीओ मधुसिंह ने इन बसो के भुगतान में नियमों के विरूद्ध् जाकर भुगतान कराया हैं।

यह घोटाला स्वयं सिद्ध् है यह मामला शिवपुरी की मीडिया से होते हुए विधानसभा में भी पहुंचा था,लेकिन सरकार ने गलत जबाब पेश कर दिया। इसी मामले को लेकर आरटीओ मधुसिंह सुर्खियो में हैं। इस मामले को लेकर बस आपरेटरो की ओर से आरटीओ मधुसिंह के पक्ष में एक प्रेस नोट भी जारी किया गया हैं। इसे ग्वालियर से प्रकाशित 3 समाचार पत्रो ने प्रकाशित भी किया हैं और बाकी समाचार पत्रो के कार्यालयो में इस मेल बॉक्स में डिलीट कर दी।

यह किया था आरटीओ शिवपुरी के समर्थन में प्रेस नोट जारी

आरटीओ के समर्थन में जारी प्रेस नोट का सीधा-सीधा अर्थ था कि आरटीओ शिवपुरी ने बसों का जो भुगतान किया था उसमें कोई नियम विरूद्ध् कार्य नही किया। सभी जिन बसों के आपरेटरो को भुगतान किया गया हैं कि वे सभी बस मालिक हैं।

यह कतई स्वीकार नहीं करते क्योंकि शिवपुरी और ग्वालियर से जिन बसों को अधिग्रहण किया गया वह भी बस मालिक ही है। ऐसे में दबाब बनाकर आरटीओ के विरूद्ध कुछ लोग अपने मंसूबों को पूरा करने का प्रयास कर रहे है जो कि वह अपने कार्यों में सफल नहीं होंगें।

इस प्रेस नोट ने ही फिर भ्रष्टाचार को उजागार कर दिया। इस प्रेस नोट में लिखा गया हैं कि ग्वालियर के जिन बसों को अधिग्रहण किया गया वह बस मालिक है और उन्ही के खातो के बसो का पेमेंट गया हैं। हम पाठको को बता दे की आरटीओ मेंडम के मुंहबोले भाईयों के खातो में लाखो रूपए का भुगतान किया हैं।

अगर बस मालिक के खातों में भुगतान किया गया हैं तो क्या वह दो व्यक्ति के पास इतनी संख्या मे बसें हैं। दूसरा सवाल इस प्रेस नोट में उनकी बसों के नंबर क्यों प्रकाशन के लिए नही भेजे गए। तीसरा सवाल बसों का भुगतान किस रेट से कितने किलोमीटर का प्रत्येक बस का किया गया है। यह भी कई अंकित नही हैं।

चौथा और महत्वूर्ण सवाल बस ऑपरेटर जयसिंह रावत, हिमांशु आध्या के ओर से यह प्रेस नोट जारी किया गया हैं इस प्रेस नोट में यह लिखा गया हैं आरटीओ के उपर दबाब बनाने के लिए  कुछ लोग अपने मंसूबों को पूरा करने का प्रयास कर रहे है जो कि वह अपने कार्यों में सफल नहीं होंगें।

कैसा दबाब बनाया जा रहा हैं यह स्पष्ट नही किया गया हैं जबकि इस मामले को लेकर आरटीओ शिवपुरी को मीडिया शुद्ध् भ्रष्टाचारी लिख रही हैं,ऐसे में कौन आदमी मेडम पर दबाब बना रहा हैं।

इस कारण कराई गई यह खबर प्लांट

इस मामले में अपने राम का कहना हैं कि पिछले कुछ माह से आरटीओ मेडम की भ्रष्टाचार से भरी खबरे लगातार प्रकाशित हो रही हैं खबरो को मंत्रलाय और परिवहन विभाग के अधिकारियो के पास पहुंच रही हैं। अब प़क्ष में खबरे प्रकाशन से आरटीओ मेडंम के पक्ष में महौल बनाने का प्रयास किया जा रहा हैं।

इस मामले की शिकायत लोकायुक्त में भी इन खबरों के आधार पर की गई हैं। हाईकोर्ट में पीआईएल में मजुंर होने की खबर हैं हो सकता हैं इन खबरों के आधार पर जबाब देने का प्रयास किया जा रहा हो,और सबसे बडी बात पक्ष में खबर बसों के संचालको ने भेजी हैं अब आप ही समझदार हैं बस संचालको से मन से भेजी हैं कि वे मन से। अब पानी में रहकर मगर से वैर कैसा।