नए डॉ के आते ही भ्रष्टाचार का गढ बना बैराड चिकित्सालय,घर से ही डॉक्टर ने शिवपुरी रैफर कर दिया | Bairad News

बैराड़। एक आदिवासी महिला कुछ दिन पहले खाना बनाते समय झुलस गई थी और झुलसने के बाद उसके परिजन उसे बैराड़ अस्पताल लेकर आए, लेकिन यहां महिला को डॉक्टर ने अस्पताल में भर्ती करने की बजाय अपने घर पर ही उसका उपचार शुरू कर दिया। जब उपचार के बाद शुक्रवार को जब उसकी हालत बिगड़ी तो डॉक्टर ने उसे शिवपुरी रेफर कर दिया। इसके बाद शिवपुरी अस्पताल में भी महिला का उपचार करने की बजाय उसे ग्वालियर रेफर कर दिया है।

रोमनी पत्नी मुकेश मोगिया निवासी नारायणपुरा ने बताया कि पांच दिन पहले खाना बनाते समय झुलस गई थी और करीब 50 फीसदी झुलसी अवस्था में उसके परिजन उसे बैराड अस्पताल लेकर आए जहां अस्पताल के डॉक्टर ने उसका उपचार अस्पताल में कराने या उसे भर्ती करने की वजाय उसका उपचार करने के नाम पर पैसे बसूलते रहे जबकि उसकी स्थिति बिगड़ती जा रही थी। जब हालत बिगड़ गई तो डॉक्टर ने उसे आनन फानन में शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर कर दिया लेकिन रोमनी की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया।