दाम न बढाने को लेकर आज से दूधिए हडताल पर,40 रू प्रति लीटर की कर रहे हैं मांग

शिवुपरी।दूध के दाम बढ़ाने को लेकर दूधियों ने गुरुवार से हड़ताल का ऐलान कर दिया है। दूधिए दूध के दाम 40 रुपए मांग रहे हैं। डेयरी संचालक प्रति लीटर 36 रुपए दाम देने को राजी हैं, लेकिन इस पर दूधिए राजी नहीं हैं। बुधवार को दूधियों ने बैठक की और गुरुवार से हड़ताल पर जाने का निर्णय ले लिया।

दूधियों ने एसडीएम ऑफिस शिवपुरी में आवेदन देकर हड़ताल पर जाने की सूचना भी दे दी है। दूधियों ने लगातार 11 दिनों तक शिवपुरी शहर में दूध की सप्लाई ठप रखने की योजना बनाई है। ऐसे में शहरवासियों को दूध के लिए परेशान होना पड़ सकता है।

दूधिया संघ शिवपुरी के बैनर तले सभी दूधियों ने बुधवार को डेयरी संचालकों से बातचीत की। कई दौर की बातचीत के बाद भी दाम बढ़ाने को लेकर कोई बात नहीं बनी तो दूधिए आवेदन तैयार कर एसडीएम ऑफिस पहुंच गए। एसडीएम शिवपुरी को आवेदन देकर 10 से 20 अक्टूबर तक हड़ताल की अनुमति मांगी है।

इसके बाद चिंताहरण मंदिर पर पहुंचकर देर शाम तक हड़ताल की रूपरेखा तय की। शहर के चारों नाकों पर दूधिया संघ की टीमें निगरानी रखेंगी। यदि कोई दूधिया गांव से दूध लेकर आता भी है तो उसे शहर में घुसने से पहले ही रोक दिया जाएगा, यानी दूधियों ने गांव से शहर में दूध सप्लाई रोकने की पूरी योजना बना ली है। दूधियों की यह मनमानी चली तो गुरुवार को न डेयरियों पर दूध पहुंचेगा न घरों में दूधिए दूध देने पहुंच सकेंगे।

शहर में दूध की सप्लाई रोकने 12-12 लोगों की दस टीमें बनाईं
 चिंताहरण मंदिर पर बैठक में दूधिया संघ शिवपुरी ने 12-12 लोगों की दस टीमें बनाई हैं। यह टीमें शहर के ग्वालियर बायपास चौराहा, रेलवे क्राॅसिंग, करबला के पास, गुना बायपास पर तैनात रहेंगी। साथ ही शहर में शेष टीमें दूध डेयरियों पर निगरानी के लिए रखी गईं हैं ताकि कोई दूधिया शहर में दूध की सप्लाई नहीं कर सके।

10 से 15 रु. प्रति लीटर मुनाफा कमा रहे डेयरी संचालक
दूधियों के अनुसार, 1 लीटर दूध में 200 ग्राम मावा निकलता है जिसका डेयरी संचालक 35 रु. प्रति लीटर दाम देते हैं। फिर दूध में से क्रीम निकालकर घी बना लेते हैं। क्रीम निकला दूध ही 40 रु. प्रति लीटर ग्राहकों को बेच देते हैं। घी और दूध दोनों बेचकर डेयरी वाले प्रति लीटर 10 से 15 रु. लीटर तक कमा लेते हैं।

पशुओं का चारा महंगा और फसलें बर्बाद होने की दलील
दूधियों का कहना है कि पीना (पशु चारा) पहले 16 से 18 रु. प्रति किग्रा मिलता था। आज दाम 40 रुपए हैं। बाजरा पहले 10 से 12 रु. प्रति किग्रा था जो अब 22 रुपए में मिल रहा है। ऐसे में दूध के दाम नहीं बढ़ने से दूधियों को नुकसान हो रहा है। दूधियों के अनुसार, ज्यादा बारिश से उनकी फसलें भी खराब हो गईं हैं। इसलिए दूध के वाजिब दाम मिलना जरूरी है।

शहर में करीब 100 डेयरियां, 50 से 60 हजार लीटर दूध की खपत
शिवपुरी शहर में 30 बड़ी व 70 छोटी सहित करीब 100 डेयरियां हैं। इन डेयरियों के माध्यम से शहर में 50 से 60 हजार लीटर दूध रोज सप्लाई होता है। यदि डेयरियों पर दूध नहीं पहुंचा तो लोगों को दूध के लिए भटकना पड़ सकता है। शहर के आसपास एक सैकड़ा गांवों से 1800 दूधिए दूध लाकर डेयरियों पर बेचते हैं।

2 साल से नहीं बढ़ाए दाम
 2 साल से दूध के नाम नहीं बढ़ाए गए। ग्वालियर और गुना में 45 से 50 रु. लीटर रेट मिल रही है। हमसे 35 रु. में दूध खरीद रहे हैं। हमसे सस्ता दूध खरीदकर डेयरी वाले ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं। कोक सिंह गुर्जर, दूधिया संघ, शिवपुरी

हम तैयार, दूधिए राजी नहीं
 दूध की 34 रुपए रेट थी। 20 दिन पहले ही दूध के दाम प्रति लीटर 1 रु. बढ़ा दिए थे। अब दो रुपए और बढ़ाने की कह रहे हैं। हमने 1 रुपए और बढ़ाकर 36 रुपए लीटर में खरीदने की सहमति दे दी है, लेकिन दूधिए तैयार नहीं हैं। आनंद राठौर, अध्यक्ष, दुग्ध विक्रेता व्यापारी संघ, शिवपुरी

दोनों पक्षों से बात करेंगे
दूधियों ने डेयरियों पर दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर आवेदन दिया है। दूध डेयरी संचालकों और दूधियों को बुलाकर बैठक लेंगे। आपसी बातचीत से मामले को सुलझाने की कोशिश की जाएगी। अतेंद्रसिंह गुर्जर, एसडीएम, शिवपुरी