खबर का असर: अनाज खरीदी घोटाला में तीन अधिकारी सस्पेंड, डीएम को बचाया | Shivpuri News

शिवपुरी। आज फिर शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की खबर का बडा असर हुआ है। जिले में खरीदी में हुए घोटाले को सबसे पहले आपके बीच लाने के मामले में अब जांच के बाद कलेक्टर ने इस मामले में दोषी तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। जबकि इस घोटाले के मुख्य कर्ताधर्ता नान के डीएम पियूष माली को कलेक्टर ने फिजहाल क्लीन चिट दे दी है। जबकि पूरा घोटाला डीएम पियूष माली के संज्ञान में हुआ था। परंतु डीएम ने शिवपुरी से ट्रांसफर कराकर अपना पल्ला झाडने का प्रयास किया है।

जिले मे खरीदी घोटाले को पूर्व से ही तैयारिया की जा चुकी थी यह बात धीरे धीरे स्पष्ट होती जा रही है। इस मामले को सबसे पहले शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशन के बाद कलेक्टर ने इस मामले की जांच कराकर जांच प्रतिवेदन आयुक्त को बनाकर भेजा था। जिसपर से आयुक्त ने उक्त कार्यवाही को अंजाम दिया है।  डा एम के अग्रवाल आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक, सहकारी संस्थाएं मध्यप्रदेश द्वारा 04 सितंबर को एक पत्र जारी किया गया। जिसमे जिले मे प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं एवं विपणन सहकारी संस्थाओं मे प्रशासको द्वारा कर्मचारियो की कर्मचारी सेवानियम के विपरीत नियुक्ति करायी है। उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावे।

जिसके बाद उपपंजीयक कार्यालय शिवपुरी मे कार्यरत तीन कर्मचारियो ड़ी.पी. राठौर सहकारी निरीक्षक, ड़ी के मडोईया सहकारी निरीक्षक,चमन सिंह चौधरी उपनिरीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है। इन्होंने सहकारी सोसाइटियों मे नियम के विपरीत प्रबंधक, लेखपाल सहित कर्मचारियो की नियुक्ति कर डाली साथ ही डी आर सीपी भदोरिया ने इनके प्रस्ताब को पास कर अनुमोदन कर दिया गया जिसके बाद से ही नव नियुक्त प्रबंधकों ने खरीद करना शुरू कर दिया था।

चने में कचरा मिलाते हुए पकड़ा प्रबंधक

कृषि उपज मंडी पिपरसमा मैं रात के अंधेरे में खरीदी दौरान चने में कचरा मिलाते हुए समिति प्रबंधक को नेफेड की टीम ने पकड़ा था। समिति प्रबंधक कर्मचारी सेवा नियम के विपरीत डीपी राठौर द्वारा प्रस्ताव कर नियुक्त किया गया था। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति ठर्रा पर 400000 की शॉर्टेज होने के कारण किसानों का भुगतान अभी तक रुका पड़ा है एवं ड़ीपी राठौर द्वारा अपने ड्राइवर भरत यादव को समिति का लेखपाल नियुक्त करवा दिया गया।

कार्यवाही से बच रहे डीआर सीपी भदौरिया और डीएम पियूष माली

सहकारी समिति कर्मचारियों की नियुक्ति में हुए फर्जीवाड़े मैं तीन अधिकारियों के सस्पेंड होने के बाद डी आर सीपी भदोरिया पर नियुक्ति को लेकर प्रश्न उठने लगे है। खास बात यह है कि प्रस्ताव पास कर अनुमोदन डीआर द्वारा ही किया गया था। इस मामले में नान के डीएम पियूष माली को भी क्लीन चिट मिली है। परंतु हालात यह है कि पियूष माली शिवपुरी से अपना तबादला कराकर इस घोटाले से बचने का प्रयास कर रहे है। जबकि आरटीआई के तहत जुटाई गई जानकारी में वह स्पष्ट तौर से कह चुके है कि श्रीजी बेयर हाउस से उनका अनुबंध ही नहीं थे। अगर अनुबंध ही नहीं था तो फिर वहां खरीदी किसके आदेश पर हो रही थी।