रेत और कंकड मिले चने को बेचकर प्रशासन करेंगा किसानो का भुगतान: कलेक्टर ने लिखा पत्र | Shivpuri News

शिवुपरी। समर्थन मूल्य पर उपार्जन के नाम पर शिवपुरी जिले में सोसायटियों की मिलीभगत से हजारों क्विंटल अमानक चना खरीद लिया गया। इससे चना खरीदी विवादों में घिर गई है। नाफेड ने अमानक चने का भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया है।

किसानों को उनका भुगतान दिलाने के लिए अब प्रशासन ने अमानक चना नीलाम कराने का फैसला लेकर बीच का रास्ता निकाला है। जिन सोसायटियों ने अमानक चना खरीदा है, उस अमानक चने की नीलामी से प्राप्त राशि से किसानों को भुगतान किया जाएगा। अमानक चना बिकने के बाद नुकसान की भरपाई सोसायटियों को मिलने वाले कमीशन से की जाएगी।

जानकारी के अनुसार गर्मियों में समर्थन मूल्य पर चना खरीदकर गोदामों में भंडारण के लिए भेजा गया। नेशनल एग्रीकल्चरल कोआपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन आफ इंडिया (नाफेड) ने टीम भेजकर जिले के 16 गोदामों की जांच कराई। नाफेड ने 27 हजार 156 क्विंटल चना अमानक बताकर भुगतान रोक लिया।

इस संबंध में नागरिक आपूर्ति निगम को जुलाई 2019 में पत्र लिखकर अवगत कराया। नाफेड ने उक्त चने का अभी तक भुगतान नहीं कराया है। इसलिए अब प्रशासन ने अमानक चने की नीलामी का फैसला लिया है। कलेक्टर अनुग्रहा पी ने अमानक चने की नीलामी की अनुमति के लिए शासन को पत्र लिखा है। शासन से अनुमति मिलने के बाद अमानक चने की नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अमानक चना बेचकर संबंधित किसानों को भुगतान किया जाएगा। इसके बाद नुकसान की भरपाई सोसायटियों की जाएगी।

चने में मिला कचरा दिखाते हुए,श्रीजी गोदाम में भेजा था अमानक चना
अमानक चना खरीदी में बें हटा सोसायटी का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। उक्त सोसायटी ने श्रीजी गोदाम में अमानक चना भंडारण के लिए भेजा था। यहां करीब 130 किसानों को भुगतान होना है। गोदाम में 3800 क्विंटल अमानक चने की नीलामी की जाना है।

नाफेड द्वारा अन्य गोदामों के अमानक चने को लेकर अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। समर्थन मूल्य खरीदी के नोडल अधिकारी (जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी) नारायण शर्मा मानक चना खरीदी बताते रहे। लेकिन अमानक चना सामने आ जाने के बाद से बचते नजर आ रहे हैं। 

दोनो संस्थाए एक दूसरे पर आरोप लगा रही हैं।
नागरिक आपूर्ति निगम ने अमानक चने के लिए नाफेड सर्वेयरों को जिम्मेदार ठहराया
नाफेड ने गोदामों की जांच कराकर 27 हजार चना अमानक बताया है। नागरिक आपूर्ति निगम को पत्र लिखकर चना खरीदी पर सवाल उठाए। नागरिक आपूर्ति निगम ने भी जवाबी पत्र लिखकर नाफेड द्वारा नियुक्ति सर्वेयरों को ही खरीदी के लिए जिम्मेदार ठहराया है। खरीदे गए अमानक चने को लेकर दोनों ही संस्थाएं एक-दूसरे पर आरोप लगा रहीं हैं।

अमानक चना हमारे स्टॉक में नहीं है
हमारी जांच में चना अमानक पाया गया है। इसलिए यह चना हमारे स्टॉक में नहीं है। इस संबंध में मप्र सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन को पत्र लिखकर अवगत करा चुके हैं। अमानक चने का भुगतान नहीं करेंगे।
अभिषेक कुमार, प्रबंधक, नाफेड शाखा इंदौर


जांच समिति के निर्णय पर कार्रवाई होगी
चना खरीदी में सर्वेयर नाफेड के ही थी। सोसायटियां तो सिर्फ माध्यम बनीं। इसके लिए जांच समिति गठित है। समिति जो निर्णय लेगी, उसके अनुसार सोसायटियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीएल मौर्य, प्रभारी डीआर, सहकारी संस्थाएं शिवपुरी

चना खरीदी में नाफेड के ही सर्वेयर लगे थे
जिले में खरीदे गए अमानक चने को लेकर हमारे वरिष्ठ कार्यालय से जवाब भेज दिया है। चना खरीदी से पहले और गोदामों में भंडारण से पहले जांच के लिए नाफेड के ही सर्वेयर लगे थे।

अरुण जैन, प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम शिवपुरी

नीलामी के लिए शासन को पत्र लिखा है
नाफेड से भुगतान नहीं हुआ है। इसलिए अब अमानक चने की नीलामी करके किसानों का भुगतान करेंगे। नुकसान की वसूली सोसायटी के कमीशन से की जाएगी। अनुमति के लिए शासन को पत्र लिखा है।
अनुग्रहा पी., कलेक्टर शिवपुरी