पोषद भवन और जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व की धूम, कल मनाया जाएगा क्षमावाणी पर्व | Shivpuri News

शिवपुरी। जैन धर्म के प्रसिद्ध धार्मिक और लोकोत्तर पर्व पर्यूषण पर्व पोषद भवन में धूमधाम, उत्साह और भक्ति भावना के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष वर्षावास में किसी भी संत या साध्वी जी का चातुर्मास नहीं है।

इस कारण जैन स्वाध्याय संघ के सौजन्य से श्रीमती प्रतिभा जी, प्रदीप जी गांधी पुणे, सौ.सपना सोलंकी सूरत और श्रीमती राजमती जी लुंकड़ बरहानपुर से धर्म आराधना कराने के लिए शिवपुरी पधारीं हैं। प्रतिदिन जैन साध्वियों के सानिध्य में धर्म आराधना, शास्त्र वाचन, प्रवचन, व्रत और उपवास का कार्यक्रम चल रहा है जिसका लाभ समूचा समाज उठा रहा है।

आज जैन श्राविकाओं ने दान पर्व की महिमा का बखान करते हुए कहा कि संसार में आखिर हम यहां से कुछ नहीं ले जा सकते, जो भी कमाते हैं वह सब कुछ यहीं छोड़कर जाना पड़ता है, लेकिन समाज और संसार को हम कुछ दे अवश्य सकते हैं और यही हमारे जीवन का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने दानों में सर्वश्रेष्ठ दान जीवनदान बताया।

पोषद भवन में प्रवचन प्रतिदिन सुबह 8:45 बजे से 10 बजे तक चल रहे हैं। सबसे पहले अंतगढ़ सूत्र का वाचन जैन श्राविका राजमती जी द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने अंतगढ़ सूत्र को सुनाते हुए कहा कि भगवान कृष्ण की द्वारिका नगरी का विनाश मदिरा के कारण हुआ, लेकिन जिन-जिन लोगों ने मदिरा का सेवन नहीं किया और आइंबिल व्रत का पालन किया वह विनाश से बच गए।

उन्होंने अर्जुन श्रीमाली और अतिमुक्त कुमार मुनि की कथा भी सुनाई। श्राविका जी ने अपने प्रवचन में कहा कि हमें भगवान की वाणी पर अविश्वास नहीं करना चाहिए और उन पर दृढ श्रद्धा रखनी चाहिए। श्राविका सपना सोलंकी ने बताया कि जैन शास्त्रों में दान की महिमा का विस्तृत रूप से बखान किया गया है। तीर्थंकर जब दीक्षा लेते हैं तो दीक्षा लेने के एक वर्ष पूर्व से लगातार वर्षी दान करते हैं।

उन्होंने कहा कि दान में यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आपने कितनी राशि का दान किया, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि दान देने की भावना आपकी कैसी है। जैन श्राविकाओं ने बताया कि 3 सितम्बर मंगलवार को क्षमावाणी पर्व मनाया जाएगा जिसमें हमें संसार के सभी प्राणियों से वर्षभर में किए गए अपने सभी ज्ञात अज्ञात अपराधों के लिए क्षमायाचना करनी चाहिए।

क्षमावाणी पर्व मनाने के लिए हमारी तैयारी पूरी होनी चाहिए और इस दिन अधिक से अधिक लोग व्रत, उपवास और तपस्या करें। दिनभर धर्म आराधना करें तथा अपने पापों का प्राश्चित करें। शाम को प्रतिक्रमण कर सभी जीवों से क्षमायाचना करें। उन लोगों से अवश्य क्षमायाचना करें जिनके प्रति हमारे मन में लेस मात्र भी कटुता है।

परसो होगा सामूहिक पारणा
श्वेताम्बर जैन समाज के अध्यक्ष राजेश कोचेटा ने बताया कि क्षमावाणी पर्व के दौरान पोषद भवन में सुबह के प्रवचन के पश्चात तपस्वी भाई बहिनों और धर्म आराधना करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर बाहर से पधारीं श्राविकाओं का भी जैन समाज द्वारा सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्राविकाओं ने जिस तन्मयता और हार्दिकता के साथ पोषद भवन में धर्म आराधना कराई है उससे समाज को पर्यूषण पर्व में संतों अथवा साध्वीगणों के सानिध्य की कमी नहीं खली।

पर्यूषण पर्व समाप्ति के पश्चात 4 सितम्बर मंगलवार को पोषद भवन में सामूहिक पारणा झवरचंद जी पारसचंद जी गूगलिया परिवार द्वारा कराया जाएगा और इस अवसर पर सामूहिक रूप से क्षमायाचना भी की जाएगी।