कुपोषण को लेकर सभी योजनाएं फेल, अभी भी मिल रहे है कुपोषित बच्चे | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। कुपोषण को लेकर शिवपुरी के अधिकारी के कितने गंभीर हैं ओर इसको दूरे करने का प्रयास कितनी ईमानदारी से कर रहे हैं इसका जीता जागता प्रमाण जिला अस्पताल में देखने को मिला। जब 2 कुपोषित बच्चे जिला अस्पताल की एनआसी में भर्ती कराए गए।

बताया गया हैं कि विभाग नही बल्कि  उनके परिजन बीते रोज यहां उन्हें लेकर आए थे। उनका इलाज किया जा रहा है। इन बच्चों में वीर 7 माह पुत्र मुकेश आदिवासी निवासी दादौल सुरवाया शामिल है, जिसका वजन 3 किलो है। दूसरी लाडली मीरा 13 माह पुत्री धर्मेन्द्र आदिवासी निवासी राऊसर बदरवास की है, जिसका वजन 3 किलो 500 ग्राम है। इन दोनों बच्चों को देखकर ही अंदाजा लगया जा सकता है कि दोनों अति कुपोषित हैं।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए दस्तक अभियान चलाया गया था। यह अभियान 10 जून से 17 जुलाई तक आयोजित किया गया। इस अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्यकर्ता बच्चों में कुपोषण की जांच व गंभीर कुपोषित व बीमार बच्चों की जानकारी हासिल करते थे। उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराते थे। इसके बाद उन्हें इलाज उपलब्ध कराया जाता था।

6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में खून की कमी की जांच व गंभीर खून की कमी को दूर करने उन्हें खून भी चढ़ाया जाता था। स्वास्थ्य महकमे ने इसके लिए लोगों को जागरूक किया था। मिडिया बार-बार यह प्रकाशन करती हैं कि आंगनबाडी पर बटने वाला पोषण बाजार में बिक रहा हैं लेकिन फिर भी कार्यवाही नही होती हैं।