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कॉलेज में अतिथि विद्वान नियुक्ति घोटाला, प्रभारी प्राचार्य ने नहीं माना न्यायालय का आदेश | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। शिवपुरी के शासकीय माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जनभागीदारी समिति के माध्यम से रखे जाने वाले अतिथि विद्वान की भर्ती में मनमानी के चलते प्रभारी प्राचार्य महेंद्र जाटव इस समय विवादों में हैं।  

यहां पर नियमों को ताक पर रख अपने चहेते सात लोगों को तो अतिथि विद्वान के पद पर ज्चाईनिंग करा दी गई लेकिन जिन लोगों से प्राचार्य की बनती नहीं उन्हें ज्वाईनिंग देने में आनाकानी की जा रही है। इस कॉलेज में अतिथि विद्वान रहे आभा मित्तल, अजरा कुर्रेशी, तृप्ति शर्मा, अनीता शर्मा, मनीषा पांडेय ने प्राचार्य द्वारा अपनी ज्वाईनिंग न कराए जाने पर इसकी शिकायत उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारियों को की है।

इस शिकायत में कहा गया कि प्राचार्य महेंद्र जाटव ने मनमानी करते हुए सात लोग श्रद्धा शांडिल्य बीसीए, देंवेंद्र सिंह वरूण कम्प्यूटर, दर्शनलाल जाटव कम्प्यूटर, डॉ अंशाली गर्ग इतिहास, नेहा सोनी संस्कृत, आशीष मिश्रा, शिखा जैमिनी कम्प्यूटर को तो ज्वाईनिंग दे दी गई लेकिन अन्य पांच लोगों को मनमानी करते हुए ज्वाईनिंग नहीं दी गई।

 जबकि उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश थे कि पूर्व तो जो लोग पदस्थ रहे हैं उन्हें उच्च न्यायालय के आदेश और मप्र शासन के उच्च शिक्षा विभाग के पत्र क्रमांक 553/1275/548 दिनांक 2-7-19 के तहत सभी 12 लोगों को ज्वाईनिंग देनी थी लेकिन इन आदेशों की प्राचार्य ने अवहेलना की और मनमाने ढंग से 12 में से केवल 7 लोगों को ही कॉलेज में ज्वाईनिंग दी। अब जिन पांच लोगों को ज्वाईनिंग नहीं दी गई है वह कॉलेज मे भटक रहे हैं और प्राचार्य मनमानी पर उतारू हैं।

जिन कक्षाओं में ज्यादा छात्र वहां पर नहीं रखे अतिथि विद्वान-

प्राचार्य ने अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए जनभागीदारी समिति के माध्यम से ऐसी कक्षाओं के लिए तो अतिथि विद्वान रख लिए यहां छात्र बहुत ही कम है। जबकि जिन कक्षाओं में 100 से 200 तक छात्र हैं वहां पर इन पांच अतिथि विद्वानों को नहीं रखा जा रहा है। जिन चहेतों को लाभ पहुंचाया गया है उन्हें जून में ही ज्वाईनिंग दे गई और उनका वेतन भी निकाला जा रहा है।

प्रभारी प्राचार्य विवादों में -

इस समय पीजी कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य महेंद्र जाटव विवादों में है। महेंद्र जाटव के पास लॉ कॉलेज का भी प्रभार है। नियमों में ताक पर रख इन्हें प्राचार्य के पद पर प्रभारी बतौर रखा गया है। दूसरे कई वरिष्ठ प्रोफेसरों की सीनियरटी को दरकिनार कर इन्हें चार्ज सौंप दिया गया है। इसके अलावा यहां पर खेल सामग्री और अन्य खरीदी में भी बड़ी गड़बड़ी चल रही है। इसकी निष्पक्षता से जांच हो तो प्रभारी प्राचार्य पर गाज गिरना तय है।

क्या कहते हैं प्राचार्य

जनभागीदारी से हमें जितने अतिथि विद्वान रखने थे उनकी कलेक्टर महोदय से स्वीकृति लेकर रखा है। जिन पांच लोगों ने मेरी शिकायत की है उनकी हमारे कॉलेज में जरूरत नहीं है इसलिए उनका नहीं रखा है।
महेंद्र जाटव
प्रभारी प्राचार्य, पीजी कॉलेज शिवपुरी