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भुजरिया तालाब के अतिक्रमण को हटाने के लिए जिलाधीश से की मांग | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। सिंधिया रियासत कालीन समय में पेयजल, सिंचाई, भू-जल स्तर को शतत रूप से बनाए रखने के लिए शहर में दर्जनों तालाब बनाए गए थे, लेकिन भू माफियाओं एवं अतिक्रमण कारियों ने तालाबों का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया गया हैं।

शहर में बचे कुचे तालाबों पर भी भू माफिया व अतिक्रमण कारियों की कागदृष्टि लगी हुई है। शहर के बीचों बीच भुजरिया तालाब को भी भू माफियाओं द्वारा बेचने का प्रयास किया गया। वहीं इस तालाब से पानी निकालने के लिए अतिक्रमणकारियों द्वारा नालियां खोद दी गई हैं। जिससे तालाब जल्द ही खाली हो जाता है।

जिसकी बजह से शिवपुरी का भू जल स्तर रसातल में जा चुका है, लेकिन इसके बाबजूद भी भू माफिया व अतिक्रमणकारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। तो दूसरी ओर जिला प्रशासन व नगर पालिका प्रशासन भी तालाबों को बचाए रखने के लिए गंभीर दिखाई नहीं दे रहा हैं।

लल्लाराम रजक पुत्र विन्दा राम, ओमप्रकाश रजक पुत्र कल्लाराम रजक, भरोसी रजक पुत्र विन्दाराम रजक के साथ दर्जनों नागरिकों ने जिलाधीश को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि सिद्धेश्वर मेला ग्राउण्ड शिवपुरी में जो कि वर्षो पुराना प्राचीन भुजरिया तालाब के नाम से प्रसिद्ध हैं जिसमें शिवपुरी शहर की जनता मोरछट एवं रक्षाबंधन पर भुजरिया विसर्जित करने के लिए शहर भर के नागरिक आते हैं।

साथ ही उक्त तालाब की पार पर वर्षों पुराने देवस्थल बने हुए हैं जहां पर पूजा अर्चना होती हैं। उक्त तालाब में वर्षों पुरानी साइड से नाली बनी हुई हैं जिसमें तालाब से पानी ओवर होने के बाद निकलता रहता था। लेकिन 8-10 दिन से नगर पालिका के जनप्रतिनिधि द्वारा उक्त तालाब की पार कटवाकर पानी को निकलवाया जा रहा हैं।

अगर उक्त तालाब का पानी इसीप्रकार निकलता रहा तो निश्चित रूप से कुछ दिनों तालाब खाली हो जाएगा। शासन द्वारा एक ओर तो भू जल स्तर बनाए रखने के लिए तालाबों का निर्माण कराया जा रहा हैं तो दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों और भू माफियाओं द्वारा तालाब खाली करने पर अमादा बने हुए हैं।

स्थानीय जागरूक नागरिकों द्वारा जिला प्रशासन को एक ज्ञापन के माध्यम से उक्त भुजरिया तालाब की फोड़ी गई पार को शीघ्र ही बंद कराने की मांग की हैं। जिससे तालाब का पानी सुरक्षित बना रहे हैं जिससे शहर का भू जल स्तर को रसातल में जाने से बचाया जा सके।