खो गई शिवपुरी की माटी से जन्मे योद्धा की शौर्य गाथा, पढ़कर आपको भी अपनी माटी पर फक्र होेगा | SHIVPURI NEWS

LALIT MUDGAL SHIVPURI खो गई शिवपुरी के माटी से जन्मे एक योद्धा की शौर्य गाथा,जिसकी तलवार की धार की चमक दिल्ली की बादशाहो तक पहुंची। उन्होने भी इस योद्धा का सम्मान करना अपने दरबार का सम्मान समझा हो। अपने 60 सैनिको की टूकडी लेकर दुशमन की पूरी सेना को जमीदोज कर अपनी तलवार की धार बढाई। ऐसे की कई युद्ध् शिवपुरी की धरा और उसके बहार जीते हो,लेकिन शिवपुरी के इतिहास में इस ब्राहम्ण योद्धा का नाम तो आता हैं लेकिन इस महान तलवारी धारी राजनायक का जीवन परिचय से शिवुपरी वासी अभी अपरिचित हैं।

इतिहास बताता हैं कि इस बालक के जन्म पात्रिका बनाते समय ज्योतिषाचार्य ने इस जन्म पात्रिका को बनाने की दक्षिणा 500 बीघा जमीन की मांग इनके पिता से की। पिता ने कहा आप क्यो मजाक करते हो गुसाई महाराज,में निर्धन ब्राहम्मण मेरे पास 500 बीघा जमीन तो क्या 5 बीघा जमीन नही है मेै आप को 500 बीघा जमीन कैसे दे सकता हूॅ।

गुसाई ने कहा कि मेरी ज्योतिष का गणित मिथ्या नही हो सकता है। यह बालक का भविष्य में राजनायक ओर वीर पुरूष के रूप में देख रहा हूॅ,मै जानता हूॅ कि आपके पास 5 बीघा जमीन भी मुझे नही दे सकते आप तो एक कागज पर वचन दिख दो। भविष्य में यह बालक मुझे यह 500 बीघा जमीन देगा। मेरी भविष्य वाणी गलत साबित नही हो सकती।

गुसाई ज्यातिषाचार्य के यह वचन सुन पिता ने भी गुसाई की भविष्य वाणी पर विश्वास करते हुए एक सादा कागज पर वचन पत्र भर कर दे दिया। शिवपुरी जिले की पोहरी विधानसभा के भटनावर गांव के एक निर्धन ब्राहम्मण के घर जन्मे इस बालक की जन्म पात्रिका बनाते समय ज्योतिषार्य की भविष्य वाणी सत्य साबित हुई।

इस बालक ने गुसाई को 500 बीघा जमीन दान दी। उक्त जमीन पर आज भी भटनावर के कुछ गोस्वामी परिवार खेती कर रहे है। नरवर की किला,नरवर की खाडेराव की हवेली,शाहबाद का किला और भटनावर की गढी,गोपालपुर की गढी और हवेली  आज भी इस ब्राहम्ण की तलवार को सलाम करती हुई,उसकी महान सफल राजनायक और योद्धा के रूप में नमस्तक हैं। उक्त ब्राहम्मण बालक की तलवार की खनक आज भी तहसील नरवर क्षेत्र में एक मुहावरे के रूप में सुनने को आती हैं जब कोई बडी- बडी बाते करता है तो कहा जाता है कि तु बडा खाडेराव हो रहा है।

शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने शिवपुरी के महान इतिहास में ऐसे एक ब्राहम्मण बालक से राजपुरूष बनने और उसकी तलवार की चमक  की शौर्य् गाथा खोज कर लाया गया हैं जिसको शिवपुरी के सभी निवासियो को पढना चाहिए। इस ब्राहम्मण बालक पर ग्रंथ खाडेराव रासो लिखा गया है इसी ग्रंथ में से बडी घटनाओ को प्रकाशित करने का संकल्प शिवपुरी सामाचार डॉट कॉम ने किया है।

इस ग्रंथ की कडिया प्रतिदिन क्रमबंद्ध् प्रकाशित की जायेगी,इस इतिहास को प्रकाशित करने को उदेदश्य यह है कि सभी शिवपुरी वासियो को अपनी जन्म भूमि पर फ्रक हो,कि माटी ने भी खाडेराव जैसे योद्ध को जन्म दिया हैं। सरदार खाडेराव के वशंज आज भी शिवपुरी जिले में निवास करते हैं। आगे क्रमबंद्ध् खाडेराव रासो ग्रंथ से लिए गए अंश प्रकाशित होंगें......