Ads 720 x 90

सरकार बदलने के बावजूद भी नहीं बदली शिक्षा विभाग की कार्यशैली, एरियर के लिए भटक रहे हैं | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। प्रदेश में सरकार को बदले हुए 8 माह व्यतीत होने जा रहे हैं परन्तु शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कर्मचारी कांग्रेस के कोषाध्यक्ष गोपाल प्रधान ने बताया कि शिक्षा विभाग में पूर्व की तरह बही डर्रा चला आ रहा हैं जो आठ माह पूर्व था।

शिक्षकों को समय पर वेतन न मिलना व अन्य प्रकरण के साथ-साथ क्लेम प्रकरणों को निराकरण भी नहीं हो रहा है। इससे यही जाहिर होता हैं कि शिक्षा विभाग का डर्रा पूर्व भांति यथावत बना हुआ है। संकुल प्राचार्य अपनी मनमानी पर उतारू बने हुए हैं। श्री प्रधान ने बताया कि 8 अगस्त को शाम 5 बजे कर्मचारी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र पिपलौदा, चन्द्रशेखर शर्मा, ओमप्रकाश जाली, नवल सिंह चौहान, अरविन्द सड़ैया, महावीर मुदगल, संतोष रजक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल जिला शिक्षा अधिकारी से भेंट करेगा कि जिले में क्यों शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है।

समय पर क्लेम प्रकरणों का निराकरण न होने से शिक्षकों में आक्रोश है। जिसमें नए शिक्षकों को 6 वें वेतनमान का ऐरियर माह जून में मिलना था जो आज तक नहीं मिला तथा क्रमोन्नति 12 वर्ष पूर्ण करने के बाद आज तक लंबित बना हुआ है। जिसे एक साल से अधिक हो गए हैं। जो वर्ष 2006 में नियुक्त हुए थे। इसी तरह पोहरी ब्लॉक में शिक्षकों को 2 प्रतिशत एवं 3 प्रतिशत का ऐरियर अभी तक नहीं मिला है।

शिक्षकों को समय मान एवं वेतनमान 30 वर्ष पूर्ण करने के बावजूद उनका ऐरियर का भुगतान नहीं हो पाया है। करैरा के अध्यक्ष धर्मेन्द्र जैन के अनुसार आधे लोगों का भुगतान आधों का शेष रह गया हैं और पुराने शिक्षकों को सातवे वेतनमान की दूसरी किस्त माह जून में मिलनी थी जो पता नहीं कब मिलेगी। इसी तरह पूरे जिले की यही स्थिति बनी हुई है।

शिक्षक अपनी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे है और जिम्मेदार लोग आंख बंद करके बैठे हुए हैं और शिक्षा विभाग में परामर्शदात्री की बैठक दो वर्ष से नहीं हुई है। शासन के अनुसार तीन माह में होना अनिवार्य है। शीघ्र बैठक बुलाकर शिक्षकों की समस्याओं को निराकरण करने की मांग की है।